उत्तराखंड के पौड़ी जिले में कोटद्वार कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी से सामूहिक बलात्कार का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। घटना का पता तब चला जब परिजनों को किशोरी के पेट में गर्भ होने की आशंका हुई।
परिजनों की तरफ से अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि रविवार को गांव में ग्रामीणों की बैठक में सोमवार को आरोपियों के खिलाफ तहरीर देने का निर्णय लिया गया है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की 14 वर्षीय किशोरी के साथ सात महीने पहले चार-पांच युवकों ने सामूहिक बलात्कार किया था। आरोपियों ने किशोरी को इसकी किसी से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी था।
मामला खत्म करने को पैसे की पेशकश
बताया जा रहा है कि किशोरी के गर्भवती होने की आशंका परिजनों को हुई। परिजनों ने किशोरी से पूछा तो उसने अपने साथ हुई पूरी घटना बयां कर दी।
घबराए परिजनों ने इसकी सूचना किशोरी के पिता को दी। वह शहर से बाहर नौकरी करते हैं। सूचना मिलते ही किशोरी के पिता शनिवार को ही घर लौटे। रविवार को ग्राम प्रधान की मौजूदगी में ग्रामीणों की बैठक हुई।
सूत्र बताते हैं कि गांव में हुई पंचायत में आरोपी युवकों के परिजन पीड़ित परिवार को तीन लाख रुपये रुपये देने को तैयार थे, लेकिन पीड़ित परिवार ने समझौता करने से इंकार कर दिया।
सूत्रों के अनुसार पीड़ित किशोरी ने बैठक में ही कहा कि जब वह स्कूल से घर आ रही थी तो युवकों ने उसको पकड़कर जबरदस्ती आटो में बिठा लिया। उसके बाद उन्होंने उसे कुछ सुंघा दिया और बेहोश कर दिया।
घटना को लेकर गांव में चर्चा का माहौल
किशोरी ने कहा कि उसे यह भी पता नहीं चला कि उसे घर किसने और कैसे पहुंचाया। गांव के प्रधान ने इसकी पुष्टि की है।
प्रधान ने बताया कि पीड़ित किशोरी के पिता शनिवार को घर पहुंचे तो तब ही उनको भी घटना की जानकारी लगी। सोमवार को किशोरी के पिता घटना के संबंध में सीओ से मिलेंगे। घटनाक्रम को लेकर गांव में चर्चा का माहौल है।
मामले का संज्ञान लिया जाएगा। किशोरी के साथ इस तरह की हरकत करना जघन्य अपराध है। इस संबंध में पुलिस से बात की जाएगी।
-जीआर बिनवाल, एसडीएम कोटद्वार।
अभी तक इस तरह की घटना की जानकारी नहीं है। शिकायत आएगी तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-अरुणा भारती, सीओ।