अपर सचिव द्वारा यौन उत्पीड़न मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार चार साल पहले सोशल वेबसाइट के जरिए युवती की पहचान रितु कंडियाल से हुई थी। रितु ने खुद को कांग्रेस की नेता बताया था।
रीतु ने जेपी जोशी से मिलाया
दोस्ती बढ़ने के बाद मिलना हुआ। रीतु की शादी में युवती ने खरीददारी में भी मदद की। तीन साल पहले रीतु ने युवती को जेपी जोशी से मिलाया। रितु ने कहा कि जोशी संयुक्त गृह सचिव हैं। वे बड़े काम के व्यक्ति हैं, उनसे बनाकर रखना।
इस बीच जोशी से युवती की मोबाइल पर कई बार बात हुई। एक दिन जोशी ने उसे खाने पर बुलाया। जोशी ने सचिवालय या विधानसभा में पक्की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। जोशी ने इसके बदले शारीरिक संबंध बनाने का दवाब डाला।
आरोप है कि जोशी कई बार उसके देहरादून स्थित घर आकर यौन योषण करते रहे। 17 अक्तूबर 2013 को पर्यटन विभाग में नौकरी पक्की होने की बात कहकर उसे नैनीताल बुलाया। 20 अक्तूबर को जोशी ने नशे की हालत में नैनीताल के पुलिस क्लब के एक कमरे में युवती से दुराचार किया।
कमरा पुलिस अधिकारी के नाम था बुक
अश्लील वीडियो की सीडी भी तैयार कर ली। यह कमरा किसी पुलिस अधिकारी के नाम बुक था। युवती ने नौकरी की बात की तो उसे सीडी दिखाकर चुप रहने को कहा गया। इस बात का जिक्र किसी से भी करने पर अश्लील वीडियो इंटरनेट पर सार्वजनिक करने की धमकी दी।
17 नवंबर को जोशी ने युवती को जीएमएस रोड स्थित कमला पैलेस होटल में बुलाकर अपहरण का प्रयास किया। युवती किसी तरह बचकर वहां से निकली। उत्तराखंड में रिपोर्ट दर्ज न होने के डर से ही वह दिल्ली पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई।
दोनों मुकदमों की जांच एएसपी को
जेपी जोशी प्रकरण में दोनों तरफ से दर्ज मुकदमों की जांच पुलिस मुख्यालय में महिला सेल की इंचार्ज एडिशनल एसपी ममता बोहरा को सौंप दी गई है। युवती ने जहां जेपी जोशी पर नौकरी के बहाने यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराया है।
वहीं, जेपी जोशी ने भी वसंत विहार थाने में युवती समेत एमपी सैनी और संजय नाम के युवक पर ब्लैकमेलिंग, शासकीय दस्तावेज मांगने और आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया है।
एसपी सिटी नवनीत भुल्लर ने बताया कि एएसपी ममता बोहरा की मदद के लिए तीन सब इंस्पेक्टरों के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। इसमें एक महिला सब इंस्पेक्टर भी है। पुलिस टीम सोमवार देर शाम युवती के बयान लेने दिल्ली रवाना हो गई है।
‘अफसर से मुलाकात कराना जुर्म नहीं’
जेपी जोशी पर यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराने वाली युवती को आरोपी से मिलाने वाली यूथ कांग्रेस की प्रदेश महासचिव रितू कांडियाल ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। दुबई से फोन पर रितू कांडियाल ने कहा कि मेरा जुर्म सिर्फ इतना है कि अपर सचिव से युवती की मुलाकात कराई थी।
कहा कि किसी से मिलाना अपराध नहीं है। वह हर जांच का सामना करने को तैयार हैं। फेसबुक के जरिये मिलने वाली युवती ने नौकरी दिलाने की बात कही तो उन्होंने अपर सचिव जेपी जोशी से उसकी मुलाकात करा दी थी।
कांडियाल ने कहा कि राजनीतिज्ञ होने के नाते इस तरह की मुलाकात कराना उनकी रोजमर्रा जिदंगी का हिस्सा है। वह पूरी तरह बेकसूर है। अपनी शादी के एक साल बाद इस साल सितंबर में आखिरी बार उससे बात हुई थी।
पुलिस उनके तीनों मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकालकर इसकी पुष्टि कर सकती है।
फेसबुक पर डाली सफाई
रितू कांडियाल ने फेसबुक पर पूरी सफाई पोस्ट की है। इसमें मुलाकात से लेकर आखिरी बार तक का उल्लेख किया है। इसे 36 लोगों ने लाइक किया है। कुछ ने कमेंट किया है कि सच और झूठ क्या है, कुछ कहा नहीं जा सकता है।