मालिक को कुक ने लगाया लाखों का चूना
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदेश के एक बड़े कारोबारी को उनके कुक ने दो लाख रुपये से ज्यादा का चूना लगा दिया। कुक धीरे-धीरे उनकी डिजिटल तिजोरी से रुपये निकाल रहा था। उसकी हरकत का पता जब कारोबारी के मैनेजर को चला तो कुक ने कुछ रकम वापस कर दी, मगर बाकी रुपये देने से इंकार कर दिया। ऐसे में मैनेजर ने पुलिस से शिकायत कर दी। इसके बाद पुलिस ने कुक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर तलाश की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कुक को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक शिव कुमार अग्रवाल के दून में कार कंपनियों के कई शोरूम हैं। इनके अलावा प्रदेश और इससे बाहर भी कई कारोबार हैं। शिव कुमार ने राजपुर थाना क्षेत्र में आर बेरिया सोसाइटी में फ्लैट लिया हुआ है। इस फ्लैट में उनका मैनेजर हिमांशु बर्त्थवाल रहता है। कभी कभी परिवार के अन्य सदस्य भी वहां आ जाते हैं। फ्लैट में गोविंद सिंह निवासी धनौल्टी टिहरी गढ़वाल कुक का काम करता था। शिव कुमार ने फ्लैट में एक डिजीटल तिजोरी में रुपये रखे हुए थे। इस तिजोरी का पासवर्ड केवल हिमांशु को ही पता था। एक दिन जब हिमांशु ने तिजोरी से पैसे निकाले तो उन्हें नोट कम होने का आभास हुआ। यह बात उन्होंने नजरअंदाज कर दी लेकिन अगली बार हिमांशु को इस बात का यकीन हो गया कि कोई तिजोरी से पैसे निकाल रहा है। गिनती की तो तिजोरी से 5.21 लाख रुपये कम पाए गए। यह रकम 15 मई से 22 जून तक निकाली गई थी।
इसके बाद उन्होंने अपने मालिक से बात कर वहां सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया। कुछ दिन बाद सीसीटीवी फुटेज देखी गई तो तिजोरी खोलकर गोविंद पैसे निकालता दिख रहा था। गोविंद को बुलाकर हिमांशु और उनके मालिक ने उससे पैसे वापस मांगे। इस पर गोविंद ने उन्हें 2.85 लाख रुपये वापस कर दिए, जबकि बाकी रकम देने से इंकार कर दिया। एसओ राजपुर अरविंद कुमार ने बताया कि हिमांशु की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी गोविंद को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से 16900 रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
---
मैनेजर खुद ही जमा करता रहा रुपये
मैनेजर हिमांशु को जब इस बात का पता चला कि तिजोरी से लाखों रुपये गायब हैं तो वह पहले अपनी ही गलती मानने लगा। एक बार उसने चुपचाप डेढ़ लाख रुपये तिजोरी में रख दिए। बावजूद इसके जब तिजोरी में नोटों का कम होना नहीं रुका तो उसे शक हुआ। इसके बाद उसने यह बात शिव कुमार अग्रवाल को बताई। शिव कुमार अग्रवाल ने ही हिमांशु से कहा कि वह तिजोरी के पीछे एक सीसीटीवी कैमरा लगा ले, जिसे वे ऑनलाइन जांच करेंगे। इसके बाद उन्होंने वहां सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए, तब गोविंद की हरकतों का पता चला।
---
कुक के शौक देखकर चौंक गए
कुक गोविंद को मालिक से केवल 10 हजार रुपये महीना वेतन मिलता था, लेकिन उसके शौक अमीरों जैसे थे। उसके पास दस जोड़ी जूते, कई घड़ियां और तीन महंगे मोबाइल थे। गोविंद एवेंजर मोटरसाइकिल पर घूमता था। इसी शौक को पूरा करने के चक्कर में गोविंद ने अपने मालिक को चूना लगाने की योजना बनाई थी।