अतिक्रमण करने पर 21 के खिलाफ मुकदमा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। ध्वस्तीकरण के बाद दोबारा हो रहे अतिक्रमण को तोड़ने गई कैंट बोर्ड की टीम को दुकानदारों ने लौटा दिया। बोर्ड प्रशासन का आरोप है कि उन्हें पुलिस का भी सहयोग नहीं मिला था। ऐसे में कैंट बोर्ड के सीईओ ने अतिक्रमण कर रहे 21 लोगों के खिलाफ प्रेमनगर थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय के आदेश पर पूरे शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इस क्रम में प्रेमनगर क्षेत्र में भी करीब 200 अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया था। चूंकि क्षेत्र कैंट बोर्ड का है तो यहां अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी भी बोर्ड की है। ध्वस्तीकरण के बाद दुकानदार व अन्य लोग दोबारा यहां निर्माण करने लगे। इस पर कैंट बोर्ड की टीम प्रेमनगर क्षेत्र में सोमवार को अतिक्रमण ध्वस्त करने पहुंची थी। उन्होंने इसके लिए पुलिस से सहायता भी मांगी, मगर आरोप है कि पुलिस ने कैंट बोर्ड की टीम का सहयोग नहीं किया और टीम वापस लौट गई। ऐसी ही स्थिति मंगलवार को भी पैदा हुई। टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस बुलाई तो वहां चंद कांस्टेबलों को भेजकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। हंगामा इतना बढ़ा कि बोर्ड की टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा। हालांकि, इस दौरान टीम ने कुल 21 लोगों को चिन्हित किया जो अतिक्रमण करने में लगे थे। इनके खिलाफ कैंट बोर्ड सीईओ जाकिर हुसैन ने तहरीर दी।
एसओ प्रेमनगर दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यदि कैंट बोर्ड आगे भी कुछ नामों को बताता है तो इस मुकदमे में उनका नाम भी शामिल किया जाएगा।
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इनके खिलाफ हुआ मुकदमा
विक्की, सीमा मेडिकोज, मल्होत्रा स्टील वर्क्स, भूषण भाटिया, विजय पाल, लाल चंद, राम भाटिया, कपिल इंटरप्राइजेज, जैना भाटिया, सचदेवा बैकर्स, सुखचंद मल्होत्रा, अक्की चिकन शॉप, आकाश यादव, ओमपाल प्रधान, जितेंद्र भाटिया, मोहन लाल, गौरव कंचन, किशनपाल पाहवा, संजीव व राकेश शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अज्ञात लोग भी शामिल हैं।
एसएसपी और जिलाधिकारी को लिखा पत्र
कैंट बोर्ड सीईओ का कहना है कि क्षेत्र के कुछ नेता लोगों को भड़काने में लगे हुए हैं। यही कारण है कि पुलिस भी टीम का साथ देने से बच रही है। इस मामले में उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखा है। जबकि जिलाधिकारी को पत्र लिखकर उन्होंने इस क्षेत्र का दोबारा सर्वे कराने की मांग की है।