अवैध खनन के मामले में पुलिस ने जब्त की आठ टिप्पर और दो जेसीबी मशीन
- अवैध खनन करने वालों पर खनन विभाग और पंचकूला पुलिस ने संयुक्त रूप से की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। जिले में अवैध खनन करने वालों को खनन विभाग और पंचकूला पुलिस ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई की है। सेक्टर-25 के बंदर घाटी के पास चल रहे अवैध माइनिंग के खिलाफ चंडीमंदिर थाना पुलिस ने खनन अधिकारियों के साथ मिलकर छापेमारी की। इस छापेमारी में कोई आरोपी पकड़ में नहीं आया। पुलिस की ओर से दस टिप्पर और दो जेसीबी मशीन इंपाउंड कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ 379 और 188 आइपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है।
चंडी मंदिर थाने के सब इंस्पेक्टर बच्चू सिंह ने बताया कि रात दो बजे खनन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और खनन विभाग के अधिकारियों की टीम ने छापेमारी की। इसमें पुलिस की दो जिप्सी की मदद ली गई। इस दौरान जब बंदर घाटी पर पुलिस पहुंची तो टिप्पर में बालू भर रहे लोग निकले। वह दो जेसीबी और आठ टिप्पर छोड़ गए। मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले की नदियों में रात के समय रोजाना सैकड़ों टिप्पर रेत और पत्थर चोरी कर रहे हैं, लेकिन पिछले लंबे समय से इस अवैध धंधे पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। इस मामले में हाईकोर्ट में भी अपील हो चुकी है। अब पुलिस व खनन विभाग ने कार्रवाई कर दी है।अतिरिक्त थाना प्रभारी चंडीमंदिर बच्चू सिंह ने बताया कि पिछले काफी दिनों से सूचना आ रही थी कि बंदरघाटी के पास अवैध खनन हो रहा है। पत्थर और रेत चोरी किया जा रहा है। सोमवार रात को खनन विभाग और पुलिस की टीम ने बंदरघाटी में रेड मारी, परंतु खनन करने वाले वाहन मौके पर छोड़कर भाग गये।
सात दिन पहले डीसी ने टास्क फोर्स की मीटिंग बुलाई
पंचकूला में बढ़ते माइनिंग के मामलों को लेकर प्रशासन ने जिला टास्क फोर्स कमेटी की मीटिंग बुलाई थी। । पंचकूला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस और माइनिंग डिपार्टमेंट के अधिकारी भी मीटिंग में शामिल हुए। मीटिंग में तय किया गया कि माइनिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों पर होने वाले जानलेवा हमलों को देखते हुए पुलिस की टीम ज्वॉइंट तौर पर काम करेगी। जिसके चलते किसी भी रेड के दौरान पहले एरिया के एसडीएम और पुलिस अधिकारियों से कॉन्टैक्ट किया जाएगा ताकि रेड को एसडीएम मॉनिटर करें और पुलिस प्रोटेक्शन मिले। इसके अलावा पंचकूला के डीसी मुकुल कुमार ने पूरे एरिया में हो रही अवैध माइनिंग की रिपोर्ट मांगी थी। डीसीपी अभिषेक जोरवाल ने माइनिंग टीम को कहा था कि जब भी वह रेड करने जाएं तो पुलिस को बताया जाए, ताकि उनकी सुरक्षा की जा सके। मीटिंग के दौरान बताया गया था कि कोर्ट बिल्ला, आश्रय वाली, रायपुररानी, बतौर एरिया में माइनिंग हो रही है। यहां माइनिंग टीम के पहुंचने पर अफसरों को धमकाया जाता है। कब्जे में लिए हुए टिपर को बीच रास्ते रोक लिया जाता है और माइनिंग टीम के कब्जे से छुड़वा लिया जाता है। कई बार अधिकारियों को यहां पीटने की कोशिश की गई।
यहां होती है अवैध माइनिंग
चरनिया, बुर्जकोटियां, मौली, टिब्बी, श्यामटू, भूड-मंडलाए, खटौली नदी, घग्गर नदी, जट्टां माजरी, सारसा नदी, खेत पुराली, रात्तेवाली एरिया, बाड़ गोदाम, कीरतपुर, पपलोहा, टांगरी नदी, रायपुर, नटवाल, सरकपुर, भानू, मढांवाला, बेलवाली, शाहपुर नदी, बतौड़, मानकटबरा, जसवंतगढ, टोका, सेक्टर 28, आसरे वाली, गरीड़ा, नयानगर, सुल्तानपुर, बेलवाली-कोट, रिहौड़, बतौड़, मौली, नटवाल, रामपुर, नारायणपुर, माणक्या व खेतपुराली के गांवों के साथ लगती नदियों में अवैध खनन किया जाता है।
माइनिंग माफिया का नेटवर्क तेज
माइनिंग माफिया का नेटवर्क पुलिस से भी तेज है। क्योंकि यहां माइनिंग करने के दौरान पहले ही मेन रोड पर किसी न किसी को रैकी के लिए छोड़ा जाता है। जैसे ही पुलिस की टीम माइनिंग एरिया में जाने लगती है तो माइनिंग करने वाले टिपरों और जेसीबी चला रहे कारिंदों को मैसेज दे दिया जाता है। जिस कारण पुलिस इन लोगों तक पहुंची नहीं पाती।
हुकुम सिंह पर हुआ था हमला
कोट बिल्लाह एरिया के हुकुम सिंह पर कुछ लोगों ने सिर्फ इसलिए हमला किया था, क्योंकि वो अवैध माइनिंग करने से रोक रहा था। उसने बताया कि यहां माइनिंग हो रही थी। विरोध करने पर मारपीट की गई। मामले की शिकायत रामगढ़ पुलिस चौकी में दी गई है। क्राइम ब्रांच को भी अब अवैध माइनिंग पर काम करने के लिए लगाया जा सकता है। क्योंकि थाना स्टाफ के अलावा चौकी स्टाफ और पीसीआर को इस काम पर लगाया गया है, लेकिन उसके बाद भी रिजल्ट सामने नहीं आ रहे।