विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रीतु शर्मा ने चार जुलाई 2015 में हल्द्वानी क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप के मामले में तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें 20-20 साल की सजा और 10-10 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है।
पिछले साल 13 साल की नाबालिग छात्रा से गैंगरेप की घटना हुई थी। पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि मुरादाबाद के पखवाड़ा थाना क्षेत्र के ओमराज पुत्र बदलू, सचिन पुत्र श्रीराम और लालढांग हल्द्वानी निवासी नीरज पुत्र जगत सिंह ने उनकी बेटी के साथ गैंगरेप किया है।
कहा कि घटना के दिन सुबह उनकी बेटी जब स्कूल जा रही थी तो तीनों आरोपी उसे रास्ते से उठाकर एक आरामशीन में ट्रक के अंदर ले गए, जहां ओमराज और नीरज ने उसके साथ बलात्कार किया जबकि सचिन बाहर खड़ा था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए आठ गवाह
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि न्यायालय ने बृहस्पतिवार को आरोपी नीरज को धारा 376 घ में दोषी पाते हुए 20 साल की सजा, 342 में एक साल की सजा, 120 बी में बीस साल की सजा, 506 में पांच साल की सजा सुनाई है।
ओमराज और सचिन को 376 घ में बीस साल की सजा, 342 में एक साल की सजा, 120 बी में बीस साल की सजा, 362 और 363 में तीन-तीन साल की सजा से दंडित किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए।
तीसरे दिन गिरफ्तार हो गए थे आरोपी
हल्द्वानी क्षेत्र में चार जुलाई 2015 को हुई नाबालिग छात्रा से गैंगरेप की घटना में पुलिस ने आरोपी ओमराज और नीरज को छह जुलाई को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, तीसरा आरोपी आठ जुलाई को पुलिस के हत्थे चढ़ा था। पीड़िता के पिता की ओर दी गई तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में पांच जुलाई को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।