ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को जिले में विभिन्न विभागों के लगभग 52 करोड़ रुपये के बिल पास हुए। इस दौरान देहरादून जिला कोषागार में रविवार देर शाम तक काम होता रहा। बिल पास करने में वेतन और पेंशन के बिलों को वरीयता दी गई है। हालांकि, अधिकारी और कर्मचारी देर रात तक कोषागार में तैनात रहे, ताकि कोई महत्वपूर्ण लेनदेन न छूट जाए।
हर बार कोषागार में लेनदेन 31 मार्च को ही बंद कर दिया जाता था। लेकिन, इस साल शासन के आदेश पर 24 मार्च को ही वेबसाइट बंद कर दी गई थी। उसके बाद वित्त सचिव अमित नेगी ने इसे 26 मार्च को पुन: चालू करने के आदेश दिए। हालांकि, इसके लिए शर्त रखी गई कि बहुत जरूरी बिल ही पास कराया जाए। इसके लिए पहले अनुमति ली जानी जरूरी है। ऐसे में 26 मार्च को वेबसाइट पर दोबारा से बिलों को अपलोड कर पास कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान कई बार वेबसाइट पर लोड अधिक होने से काम भी प्रभावित रहा, लेकिन शाम के वक्त बिल पास कराए जाने लगे।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन भी बिलों की भरमार रही। मुख्य कोषाधिकारी देहरादून नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस दौरान सातवें वेतनमान और पेंशन के एरियर भुगतान को वरीयता दी गई। साथ ही विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं की ओर से कराए गए निर्माण कार्यों में खर्च हुए बिलों को पास किया गया। इस संबंध में सभी विभागों को शनिवार को सूचित कर दिया था कि वे रविवार सुबह दस बजे तक अपने-अपने बिलों को लेकर कोषागार में उपस्थित हों या फिर ई-मेल के माध्यम से सूचित करें। रविवार शाम चार बजे तक आरबीआई की पेमेंट लाइन खुली थी। लेकिन, शासन के आग्रह पर इसे पांच बजे तक बढ़ा दिया गया था। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक कुल 51 करोड़, 86 लाख 94 हजार रुपये के बिल पास किए गए। उन्होंने बताया कि शासन से निर्देश प्राप्त हुए थे कि किसी भी जरूरी बिल को किसी भी सूरत में न रहने दिया जाए। इसी को देखते हुए कार्यालय में रविवार को पूरा स्टाफ तैनात किया गया था।
निदेशक ने किया दो बार दौरा
रविवार को कोषागार में एलएन पंत (निदेशक, कोषागार एवं वित्त सेवाएं) ने दो बार दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लंबित बिलों की संख्या और महत्वपूर्ण बिलों को वरीयता देने की बात कही। साथ ही इस दौरान उन्होंने पेंशन और वेतन के बिल भी चेक किए और उन्हें प्राथमिकता से पास करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने किया डबल लॉक का निरीक्षण
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार में जिलाधिकारी ने भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वित्तीय लेनदेन की प्रगति और गति को जांचा। साथ ही उन्होंने डबल लॉक की जांच और निरीक्षण भी किया। इसके अलावा उन्होंने चुनाव व्यय समिति के कार्यों का निरीक्षण किया। इसके अलावा समिति के कामों की प्रगति की भी जांच की।
रविवार को बैंक भी खुले रहे
31 मार्च (रविवार) को जनपद के सभी बैंक भी खुले रहे। इस दौरान शासकीय कामों के अलावा सामान्य ग्राहकों का लेनदेन भी किया गया। इस संबंध में बैंकों को पहले से ही निर्देश दिए गए थे कि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सामान्य लेनदेन भी किया जाएगा। देर शाम तक बैंक शाखाओं में काम चलता रहा।