ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
खुद को दारोगा बताने वाली एक महिला ने योग अकादमी चलाने वाले चिकित्सक को डरा धमकाकर पांच लाख रुपये हड़प लिए। महिला के साथ दो अन्य लोग भी थे, जिन्हें वह अपना अधीनस्थ बता रही थी। चिकित्सक की शिकायत पर डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी मामले की जांच एएसपी कोटद्वार हरीश वर्मा को सौंपी है। आरोप है कि महिला ने अकादमी को बंद कराने की धमकी देते हुए उनसे कुल दस लाख रुपये मांगे थे।
टिहरी जिले के मुनिकीरेती स्थित वेदांता इंटरनेशनल योग अकादमी के संचालक डॉ. संजीव पांडे ने डीजीपी से यह शिकायत की है। संजीव ने डीजीपी को बताया कि उनकी अकादमी अमेरिका की योगा एलियंस से मान्यता प्राप्त है। गत 12 जुलाई को उनके ऑफिस में एक महिला व दो पुरुष आए। महिला ने खुद को क्राइम ब्रांच की सब इंस्पेक्टर दीपा बताया। तीनों लोगों के हाथों में कुछ दवाओं की शीशियां थीं। उन्होंने धमकी दी कि वे उन्हें नशीली दवाओं को बेचने के आरोप में जेल में बंद करा देंगे और अकादमी पर भी ताला लगवा देंगे। तीनों ने चिकित्सक से कहा कि अगर इससे बचना है तो 10 लाख रुपये दे दो। डॉ. पांडे ने डीजीपी को बताया कि उन्होंने दीपा व उसके साथियों को जैसे तैसे जुगाड़ करके पांच लाख रुपये दे दिए। इसके बाद 18 जुलाई को फिर दीपा ने उन्हें फोन किया और पांच लाख रुपये की और मांग की। डीजीपी ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। डीआईजी गढ़वाल रेंज अजय रौतेला ने बताया कि प्रकरण की जांच एएसपी कोटद्वार हरीश वर्मा को दी गई है। उनसे तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट मुख्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है।