गोपेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश प्रदीप पंत की अदालत ने नाबालिग बालिका के यौन शोषण के मामले में अभियुक्त को दस साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) अधिवक्ता मोहन प्रसाद पंत ने बताया कि 24 मई 2016 को कर्णप्रयाग तहसील के कोठली गांव निवासी सतीश उर्फ सोनू पुत्र दिल्लू लाल तहसील क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया था। उसने बालिका का यौन शोषण किया। पीड़िता गर्भवती हो गई और उसने एक बेटी को जन्म दिया। अभियुक्त ने पीड़िता के बालिग होने पर उससे शादी भी कर ली थी, लेकिन न्यायालय ने मंगलवार को हुई सुनवाई में सतीश को भादंसं की धारा 376 व पोक्सो अधिनियम में दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त मौजूदा समय में रुद्रप्रयाग में भी एक हत्या के मामले में अपराधी है।