ब्यूरो/ऋषिकेश। मुनिकीरेती में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से 15 लाख की क्रेडिट लिमिट बनाकर धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसकी पत्नी व पिता अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपी को नरेंद्रनगर न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। उपनिरीक्षक संजीत कुमार के मुताबिक गौरव अग्रवाल निवासी गली नंबर सात, आशुतोषनगर, ऋषिकेश ने ऋषिकेश में गायत्री ट्रेडिंग कंपनी खोली। उसने मुनिकीरेती स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में खाता खोलकर लेन-देन के बाद बैंक ने उसकी 15 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट बना दी।
इस दौरान गौरव ने बैंक से 15 लाख की रकम निकाली और बंधक रखी जमीन को भी बेच दिया। शाखा प्रबंधक विजय कुमार को इसकी जानकारी लगने के बाद उनकी नामजद तहरीर पर गौरव अग्रवाल, उसकी पत्नी व पिता राकेश अग्रवाल के खिलाफ बीते 26 दिसंबर को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। एसआई ने बताया कि जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद से गौरव फरार चल रहा था, जिसे शुक्रवार की देर शाम चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड के समीप से गिरफ्तार किया गया। बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।