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किसी से छिपी नहीं थी मां-बेटी के रिश्तों की कड़वाहट

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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मां-बेटी के रिश्तों में कड़वाहट किसी से छिपी नहीं थी। नाते-रिश्तेदार, नौकर, सफाई कर्मचारी और परिवार से जुड़े हर शख्स को इसका पता था। पुलिस ने केस के सिलसिले में जितने भी लोगों से पूछताछ की, सबसे यही बात मालूम पड़ी। दोनों के रिश्तों में मिठास लाने की कोशिश तो कई बार हुई, लेकिन नफरत की चिंगारी बुझने के बजाए सुलगती रही, जो प्राप्ति सिंह की हत्या के रूप में शोला बनकर सामने आई है। विवाद केवल संपत्ति को लेकर नहीं था, कई ऐसे कारण थे, जिन्हें लेकर उनके बीच छत्तीस का आंकड़ा था।
शहर के अंसारी रोड पर हुई प्राप्ति की हत्या की जांच को एक नहीं तीन टीमें काम कर रही हैं। मकसद सिर्फ यही है कि हत्या का सही मोटिव सामने आ सके। ऊपरी तौर पर तो करोड़ों की संपत्ति है, मगर तह में जाने पर कई अन्य कारण भी सामने आ रहे हैं। पुलिस उन तक पहुंचकर पूरे केस में दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहती है। पुलिस परिवार से जुड़े हर शख्स से पूछताछ कर चुकी है। हर शख्स का एक ही जवाब था कि दोनों के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे। गृह मालिक अजीत पाल सिंह की 2016 में हुई मौत के बाद नफरत की चिंगारी बढ़ती चली गई। यहां तक कहा गया कि न तो प्राप्ति मां की कोई बात सुनने को तैयार थी और न ही सौतेली मां बड़प्पन दिखाकर उसे माफ करने के मूड में रही। एसएसपी निवेदिता कुकरेती की मानें तो हत्या के पीछे संपत्ति एकलौती वजह नहीं है, कई ऐसे कारण हैं, जिनके चलते इस तरह के हालात पैदा हुए हैं। दोनों में प्राप्ति के दोस्तों को लेकर अक्सर विवाद होता था।
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कई पड़ोसियों से की गई बातचीत ; पुलिस टीम ने मंगलवार को प्राप्ति हत्याकांड के मामले में आसपास रहने वाले कई लोगों से बातचीत की। पड़ोसी ज्यादा तो कुछ नहीं बता पाए। उस रात अंदर क्या हुआ कुछ भी कहना मुश्किल है। हां उनके रिश्ते सही नहीं थे। इंस्पेक्टर बीबीडी जुयाल ने बताया कि पड़ोसियों के अलावा किरायेदारों से केस से जुड़े कई सवालाें पर पूछताछ हुई।
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