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हरिद्वार : महाकुंभ की एक महीने की अवधि में 11 निजी लैब की कोविड जांच बनी गले की फांस

Wed, 16 Jun 2021 12:08 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

11 लैब ने एक महीने की अवधि में दो लाख 51 हजार जांच की हैं। इनमें भी दो लैब से सर्वाधिक एक लाख 23 हजार जांचें हुई हैं।
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कोविड आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच - फोटो : iStock
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विस्तार
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महाकुंभ की एक महीने की अवधि में बार्डर से लेकर मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की कोविड आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच की फांस मेला प्रशासन के गले फंस गई है। मेला प्रशासन ने 11 निजी लैब को कोविड जांच के लिए अधिकृत किया था।

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11 लैब ने एक महीने की अवधि में दो लाख 51 हजार जांच की हैं। इनमें भी दो लैब से सर्वाधिक एक लाख 23 हजार जांचें हुई हैं। सर्वाधिक जांच करने वाले लैब को मेला अधिष्ठान ने थर्ड पार्टी अनुबंध किया गया था और इनकी ही रिपोर्ट में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। 
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कोरोनाकाल में महाकुंभ आयोजन कोविड का सुपर स्प्रेडर बना। हाईकोर्ट के आदेश पर श्रद्धालुओं की कोविड जांच की संख्या बढ़ाई गई। कोविड जांच के लिए 34 सरकारी और निजी लैब को लगाया गया। इनमें 11 निजी लैब को मेला प्रशासन ने अनुबंधित किया।

एक माह की अवधि में सभी लैब ने चार लाख श्रद्धालुओं की जांच की। जिला प्रशासन और शासन की ओर से नामित 23 लैब को छोड़ दिया जाए तो मेला प्रशासन की ओर से अनुबंधित 11 लैब ने दो लाख 51 हजार श्रद्धालुओं की जांच की।

इनमें 44,278 आरटीपीसीआर और 206,722 एंटीजन जांच हुई हैं। इनमें अधिकतर जांच रिपोर्ट निगेटिव आए। निगेटिव जांच रिपोर्ट से कुंभ आयोजन पर सुपर स्प्रेडर का धब्बा लगने से बच गया और सरकारी आंकड़ों में भी जांचों की संख्या कई गुना बढ़ गई। 

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एक मोबाइल मैसेज से सामने आया मामला 

रीदकोट पंजाब के एक युवक के मोबाइल पर कोविड निगेटिव रिपोर्ट का मैसेज पहुंचने से कुंभ में जांच घोटाले की परतें खुलने लगी। युवक कुंभ में आया ही नहीं था और अधिकृत लैब ने उसकी फर्जी रिपोर्ट बनाकर भेज दी।

शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेकर प्रारंभिक जांच कराई। घोटाले की आशंका पर जिलाधिकारी हरिद्वार को जांच सौंपी है। जांच अभी जारी है। जांच के साथ घोटाले की परतें भी धीरे-धीरे खुलने लगी हैं।

सूत्रों के मुताबिक 11 लैब में सर्वाधिक एक लाख 23 हजार जांच करने वाली दो लैब ने गड़बड़ी की हैं। इन दोनों लैब ने एक लाख 18 हजार एंटीजन और पांच हजार आरटीपीसीआर जांच की हैं। 

मेला प्रशासन ने इन लैबों से कराई जांच 
1- नोवस पैथ लैब
2- डीएनए लैब
3- फिक्की लैब 
4- स्टार इमेजिंग लैब 
5- हिंदुस्तान वेलनेस लैब 
6- लाल चंदानी लैब 
7- नालवो लैब 
8- आहूजा लैब 
9- प्रिफियर्ड लैब 
10-कावेरी लैब  
11-फोकस इमेजिंग लैब 
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