गोपेश्वर। तीन माह बाद ममेरे भाई का कारनामा सामने आया तो हर कोई चौंक उठा। किसी को उम्मीद नहीं थी कि बहिन के साथ ऐसा करने वाला कोई और नहीं उसका अपना मामा का लड़का होगा।
बीते वर्ष 28 नवंबर को लापता हुई नाबालिग को भगा ले जाने वाला उसी के मामा का लड़का निकला। पुलिस ने तीन माह बाद बीते रविवार को युवक को नाबालिग सहित नेपाल सीमा क्षेत्र पर स्थित थाना बनबसा के बैराज चेक पोस्ट से गिरफ्तार कर लिया है। नाबालिग को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है, जबकि युवक को मेडिकल के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
बीते वर्ष 28 नवंबर को विद्यालय जाते वक्त एक नाबालिग छात्रा लापता हो गई थी। 29 नवंबर को छात्रा के पिता ने थाना गोपेश्वर में अपनी पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट के निर्देश पर पुलिस ने अपहरण में मामला दर्ज कर दो टीमें गठित की।
एक टीम को जनपद स्तर पर और दूसरी टीम को अन्य जिलों मे तलाश के लिए रवाना किया गया। पुलिस ने विवेचना के दौरान पाया कि नाबालिग को उसके मामा का लड़का बहला-फुसलाकर भगा ले गया है।
नाबालिग की तलाश और अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने राज्य के विभिन्न थानों में पोस्टर चस्पा करवाए और समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया। पुलिस टीम को दोनों के नेपाल जाने की सूचना मिली। जिस पर थाना बनबसा के बैराज चेक पोस्ट पर चेकिंग अभियान चलाया गया।
बीते चार मार्च को चेकिंग के दौरान पुलिस ने अभियुक्त को नाबालिग सहित गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने पुलिस टीम को 2500 रुपये के ईनाम की घोषणा की है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष कुंदनराम, एसआई जगमोहन सिंह, पूजा मेहरा, पुलिस कर्मी पंकज व आरती शामिल थे।