भू-वैज्ञानिक चुनौतियों के बीच मिली बड़ी सफलता
हिमालयी क्षेत्र में स्थित यह सुरंग भूकंपीय जोन-4 में आती है, जहां निर्माण कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। लगातार पानी का रिसाव, फॉल्ट ज़ोन और ढीली चट्टानें, उच्च दबाव और तापमान, सीमित पहुंच और कठिन लॉजिस्टिक्स (आवागमन व्यवस्था) की कठिनाइयों के बावजूद इंजीनियरों और श्रमिकों ने निरंतर प्रयास करते हुए सुरंग के दोनों सिरों का मिलान (ब्रेकथ्रू) सफलतापूर्वक पूरा किया, जो इस परियोजना की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
रेल परियोजना के लाभ
बदरीनाथ और केदारनाथ जैसे चारधाम क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। पर्यटन और तीर्थाटन को नई गति मिलेगी। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आपदा के समय तेज और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
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टनल-8 का दोनों सिरों का मिलान इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया है। -हिमांशु बडोनी, मुख्य परियोजना प्रबंधक, आरवीएनएल