ग्रेच्युटी, पीएफ, बीमा का मिलेगा लाभ
चारों श्रम संहिता की नियमावली लागू होने के बाद राज्य के हर श्रमिक के लिए एक समान न्यूनतम मजदूरी तय होगी। वेतन भुगतान समय पर और डिजिटल माध्यम से होगा। पहले पांच साल की सेवा के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी अब अनुबंध पर काम करने वाले श्रमिकों को मात्र एक साल की नौकरी के बाद भी मिल सकेगी। पहली बार ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और गिग वर्कर्स (डिलीवरी और राइडिंग पार्टनर) को भी भविष्य निधि (पीएफ) और बीमा जैसी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। महिला श्रमिक अब अपनी सहमति से रात की शिफ्ट में काम कर सकेंगी बशर्ते नियोक्ता उनकी सुरक्षा और घर तक छोड़ने की जिम्मेदारी उठाए। नई संहिताओं के अनुसार, मूल वेतन कुल वेतन का 50 प्रतिशत होगा। इससे श्रमिकों के पीएफ और ग्रेच्युटी फंड में बढ़ोतरी होगी। 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए साल में एक बार मुफ्त मेडिकल चेकअप का प्रावधान किया जाएगा।