औद्योगिक क्षेत्र के एक मकान में चल रही अवैध दवाई की फैक्ट्री पकड़ी गई है। छापेमारी कार्रवाई के दौरान और भी कई खुलासे हुए।
जांच के दौरान अवैध फैक्ट्री में नामी-गिरामी कंपनियों के लेबल एवं दवाई बॉक्स मिले हैं। मुख्य आरोपी मौका पाकर फरार हो गया। तीन अन्य लोगों को टीम ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
औद्योगिक क्षेत्र में वैसे तो सैकड़ों की संख्या दवाई फैक्ट्रियां चल रही हैं। जिनमें दवाइयां तैयार होकर प्रदेश एवं देश के विभिन्न कोनों में जा रही हैं, लेकिन कंपनियों की आड़ में कुछ लोग अवैध रूप से भी फैक्ट्रियां चला रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मक्खनपुर में ड्रग्स विभाग के छापे में सामने आया।
यहां एक मकान में अवैध रूप से चल रही दवाई फैक्ट्री छापे के दौरान चलती पकड़ी गई। फैक्ट्री कई बड़ी दवाई कंपनियों के लेबल भारी मात्रा में रखे हुए मिले। इसके अलावा मकान में कंपनियों की दवाइयों के बॉक्स भी पाए गए। जांच के दौरान मकान में दवाइयों की बेस फाइल भी रखी हुई मिली।
राजस्थान सहित कई शहरों में होती थी नकली दवाओं की आपूर्ति
छापा लगते ही अवैध दवा फैक्ट्री का मुख्य संचालक मौका पाकर फरार हो गया, लेकिन मकान में मिले तीन लोगों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। ड्रग्स विभाग की टीम मकान में मिली दवाओं की जांच में लगी हुई है।
फाइनल कार्रवाई ड्रग्स विभाग की टीम देर रात करेगी। ड्रग्स इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने बताया कि अभी मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। अनाधिकृत रूप से चलाई जा रही फैक्ट्री एवं संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भगवानपुर क्षेत्र में पकड़ी गई नकली दवा फैक्ट्री से राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में दवाओं की आपूर्ति की जाती थी। जयपुर में डेढ़ करोड़ की नकली दवा पकड़े जाने के बाद इसका खुलासा हुआ था। इस दौरान यह बात सामने आई थी कि पकड़ी गई नकली दवाएं रुड़की क्षेत्र में बनाई जा रही हैं। इसी आधार पर राजस्थान की टीम ने स्थानीय ड्रग अधिकारियों को साथ लेकर मंगलवार को छापे की कार्रवाई की है।
महीने भर पहले जयपुर के रेलनगर स्थित कमला इंटरप्राइजेज के गोदाम में नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा गया था। जांच में यह बात सामने आई कि दवाओं के नाम पर लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। कारण कि दवाओं में कोई भी साल्ट नहीं है। इन दवाओं के खाने से न तो फायदा होगा और न ही नुकसान।
ड्रग अधिकारियों के उड़ गए होश
लगभग डेढ़ करोड़ की नकली दवा पकड़ में आने के बाद राजस्थान के ड्रग अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले का खुलासा होने के बाद जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि नकली दवाओं का निर्माण रुड़की क्षेत्र में किया जा रहा है।
इसके बाद आवश्यक जानकारी जुटाकर मंगलवार को राजस्थान ड्रग विभाग की टीम स्थानीय ड्रग निरीक्षक और पुलिस को लेकर भगवानपुर क्षेत्र में पहुंची, जहां दवाओं का निर्माण किया जा रहा था।
यहां भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद होने के बाद ड्रग अधिकारियों के होश उड़ गए। ऐसे में स्थानीय ड्रग अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यहां नकली दवाओं का कारोबार वर्षों से चल रहा था, लेकिन स्थानीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस संबंध में जब ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने फिलहाल कोई जानकारी देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।