राजधानी देहरादून में लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंताओं ने शुक्रवार को विभाग में भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोक निर्माण विभाग के आठवें महाधिवेशन में सरकार, शासन के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली।
शासन के इशारे पर ठेका
संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगत सिंह बिष्ट ने कहा कि लोक निर्माण विभाग में टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। शासन के इशारे पर ठेकेदारों को ठेका दिया जाता है। शासन से फोन आता है कि संबंधित ठेकेदार को भुगतान कर दिया जाए। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब हो रही है।
अधिवेशन में मुख्य अतिथि के तौर पर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि प्रदेश में अति हो चुकी है। बाहरी एजेंसियों से काम कराने का सीध अर्थ है कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना। ऐसा करके सरकार प्रदेश की निर्माण एजेंसियों को पंगु बना रही है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार पर अप्रत्यक्ष तौर पर कई प्रहार किये। इस मौके पर संघ की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को 12 सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा गया।