फूलों की घाटी में सबसे पहले एनीमोन और प्रिमुला प्रजाति के पुष्प खिलते हैं। 15 जून से 15 सितंबर तक यहां जर्मेनियम, मार्श, गेंदा, पोटेंटिला, लिलियम, हिमालयी नीला पोस्त, बछनाग, डेलफिनियम, रानुनकुलस, कोरिडालिस, इंडुला, सौसुरिया, कंपानुला, पेडिक्युलरिस, मोरिना, इंपेटिनस, बिस्टोरटा, लिगुलारिया, लोबिलिया, थर्मोपसिस, ट्रौलियस, एक्युलेगिया सहित फूलों की 300 से भी अधिक प्रजाति खिलती है। पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी में ब्रह्मकमल भी खिले रहे।
होटल व होम स्टे में दो दिन ठहरने की बुकिंग का प्रतिबंध हटा
पर्यटकों के लिए कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट, होटल व होम स्टे में दो दिन ठहरने की बुकिंग का प्रतिबंध हटाने से उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। पर्यटक आवास सुविधाओं के लिए फूलों की घाटी के बेस कैंप घाघरिया स्थित कई होटल, गेस्टहाउस, होम स्टे और कैंप की बुकिंग करा सकते हैं।
पर्यटन सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने पर्यटकों के आवागमन की शर्तों में ढील दी है। इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है। इसे देखते हुए मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने सभी जिलाधिकारियों को कोविड-19 महामारी की रोकथाम को लेकर सामाजिक दूरी, मास्क का इस्तेमाल करने और अन्य जरूरी इंतजाम कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने होटलों में इसे लेकर खास प्रबंधन करने को कहा है। सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से करने के साथ ही उन्होंने पीआरडी के अतिरिक्त जवानों की तैनाती करने के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा है। जिसमें कहा है कि पर्यटकों को बिना कोविड टेस्ट के राज्य में घूमने की अनुमति दी गई है। यह निर्णय राज्य की आर्थिकी को ध्यान में रखकर लिया गया है।
इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इस कारण कोरोना संक्रमण की स्थिति को ध्यान में रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कोविड-19 से बचाव के लिए समय समय पर जारी प्रोटोकाल का आवश्यक रूप से पालन कराने को कहा है।
मुख्य सचिव निर्देश दिए हैं कि सभी होटल व रेस्टोरेंट कारोबारियों को कोविड-19 महामारी के बचाव से संबंधित दिशा निर्देशों का पालन कराया जाए। भीड़भाड़ वाले स्थलों पर खास निगाह रखी जाए। वहां सामाजिक दूरी और मास्क पहनने के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।