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उत्तराखंड: कोरोना की तीसरी लहर में सीएचसी बनेंगे कोविड केयर सेंटर, सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी 

Fri, 25 Jun 2021 10:36 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

कोरोना की तीसरी लहर में 0 से 18 आयु वर्ग पर संक्रमण का ज्यादा प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसके शासन ने सभी जिलों को ऑक्सीजन बेड, आईसीयू और एचडीयू बेड की व्यवस्था और मेडिकल उपकरण व दवाईयों का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
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कोविड केयर सेंटर - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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कोरोना की तीसरी लहर की रोकथाम के लिए उत्तराखंड के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को लेवल-एक कोविड केयर सेंटर के रूप में चिह्नित किया जाएगा। प्रत्येक लेवल एक कोविड केयर सेंटर में 10 बेड होंगे।

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जहां पर 0 से 18 आयु वर्ग के लिए ऑक्सीजन, आईसीयू, एचडीयू बेड उपलब्ध होंगे। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने सभी जिलों को आवश्यक तैयारियां करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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तीसरी लहर को देखते हुए सभी सीएचसी को लेवल एक कोविड केयर सेंटर के रूप में नामित किया जाएगा। जिला स्तर पर 0 से 18 आयु वर्ग के जो बच्चे पहले से किसी बीमारी से ग्रसित हैं, उनकी सूची बना कर निगरानी में रखते हुए उपचार किया जाएगा।

डीसीएच और मेडिकल कालेज में होगी ऑक्सीजन स्टोरेज की व्यवस्था
सरकार ने डेडीकेटिड कोविड हॉस्पिटल (डीसीएच) और मेडिकल कालेजों के अस्पतालों में ऑक्सीजन स्टोरेज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जिसकी क्षमता एक हजार लीटर प्रति मिनट होगी। साथ ही ऑक्सीजन सिलिंडर स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर से खरीदे जाएंगे।

संविदा और आउटसोर्स से रखे जाएंगे बाल रोग विशेषज्ञ
तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने की आशंका को देेखते हुए बाल रोग विशेषज्ञों व स्टाफ नर्सों के पदों को भरने के निर्देश दिए गए हैं। तत्काल भर्ती न होने पर बाल रोग विशेषज्ञों को संविदा और आउटसोर्स के माध्यम से रखा जाएगा। साथ ही निजी क्षेत्र के बाल रोग विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।

बच्चों की शत प्रतिशत कोविड जांच

प्रदेश के राजकीय व निजी अस्पतालों में रेपिड एंटीजन टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है। शत प्रतिशत बच्चों की कोविड जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि जिन निजी अस्पतालों में बाल रोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं, उन्हें 0 से 18 आयु वर्ग के बच्चों की कोविड निगरानी के लिए एंटीजन जांच के लिए अधिकृत किया जाए।

38.49 लाख बच्चों को देंगे विटामिन
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश में 0 से 18 आयु वर्ग के 38.49 लाख से अधिक बच्चों को विटामिन ए, सी, डी, जिंक की डोज दी जाएगी। एक साल से कम, 1 से 10 और 10 से 18 आयु वर्ग के हिसाब से विटामिन की डोज निर्धारित की गई है। 

0 से 18 आयु वर्ग की संख्या
जिला             संख्या
अल्मोड़ा        272650
बागेश्वर         114982
चमोली          171671
चंपावत         122584
देहरादून        394310
हरिद्वार          707930
नैनीताल         305404
पौड़ी              405955
पिथौरागढ़       207343
रुद्रप्रयाग         108613
टिहरी              206975
ऊधमसिंह नगर 596180
उत्तरकाशी       155338
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ऐसे तो राजधानी दून समेत पूरे राज्य में दोबारा फैल जाएगा कोरोना का संक्रमण 

देशभर के चिकित्सा विशेषज्ञ जहां कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर आशंका जता रहे हैं और तीसरी लहर से निपटने को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के साथ ही शासन, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं आशारोड़ी चेक पोस्ट पर  दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच में लापरवाही बरती जा रही है। सूत्रों की मानें तो हजारों की संख्या में ऐसे यात्री हैं जो सिर्फ ई-पास दिखाकर ही बगैर कोरोना जांच कराए राजधानी में दाखिल हो रहे हैं। राजधानी में दाखिल होने वाले यात्रियों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, केरल, नई दिल्ली समेत उन राज्यों के यात्री भी शामिल हैं, जहां अभी कोरोना का असर काफी है। 

प्रावधानों के तहत दूसरे राज्यों के यात्रियों को 72 घंटे पहले की निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट साथ लाना जरूरी है और अगर यह रिपोर्ट नहीं है तो ऐसे सभी यात्रियों को कोरोना जांच केंद्रों पर विधिवत एंटीजन टेस्ट कराना चाहिए।दिलचस्प पहलू यह है कि मजदूरों में तमाम ऐसे मजदूर हैं जो यूपी परिवहन निगम की बसों में बैठकर डाटकाली मंदिर तक आ रहे हैं। यूपी की बसों को उत्तराखंड की सीमा में दाखिल होने की अनुमति नहीं होने से बसों के चालक - परिचालक यात्रियों को डाटकाली मंदिर के पास ही उतार दे रहे हैं और यात्री वहीं से पैदल सामान के साथ राजधानी में दाखिल हो रहे हैं। इन मजदूरों में से ज्यादातर का कोरोना टेस्ट नहीं कराया जा रहा है जो गंभीर बात है।

वहीं रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस और रेल प्रशासन की ओर से ऐसी व्यवस्था की गई है कि कोई भी यात्री बिना कोरोना जांच कराएं बाहर जा ही नहीं सकता है। निजी कंपनी की मदद से रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले सभी यात्रियों की कोरोना जांच के बाद ही उन्हें बाहर भेजा जा रहा है।

जांच केंद्र पर प्रतिदिन औसतन 800 यात्रियों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों द्वारा चेकपोस्ट पर रोककर जिन यात्रियों को जांच केंद्र भेजा जाता है ,उनका एंटीजन टेस्ट किया जा रहा है और जिन यात्रियों में कोरोना संक्रमण पाया जाता है। इसकी जानकारी तत्काल सम्मानित अधिकारियों को दी जाती है। साथ ही संक्रमित मरीज को कोविड सेंटर भेजा जा रहा है।
- डॉक्टर एक्यू अंसारी, नोडल अधिकारी
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