मौत के बाद बुधवार को परिजन उसके शव को दफनाने के लिए ले जा रहे थे। लेकिन, इसी बीच मामले की भनक पुलिस को लग गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। उधर, सीएमओ मीनाक्षी जोशी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उधर, कोरोना जांच के लिए भी बच्ची का सैंपल भेजा गया है।
डीआईजी ने दिए मामले की जांच के आदेश
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पिता ने जो आरोप लगाए हैं, उसकी जांच सीओ नेहरू कालोनी पल्लवी त्यागी को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि नौ अप्रैल को हुए हादसे के बाद पीड़ित ने जो आरोप लगाए हैं, वो प्राथमिक दृष्टि से सही प्रतीत नहीं हो रहे हैं। सील इलाके में लगातार पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार घूम रहे हैं, लेकिन बच्ची की चोट को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया।
साथ ही मोहल्ले के लोगों को ही विशेष पुलिस अधिकारी बनाया गया है। यदि कोई दिक्कत थी तो छह दिन तक क्यों संपर्क नहीं किया गया। जबकि बैरियर पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी हर समय मौजूद हैं। बच्ची की मौत का बहुत दुख है। भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
मुझे बच्ची के पिता ने फोन किया था। मैंने इस पूरे मामले की जानकारी डीएम साहब को दे दी है। बच्ची के पिता ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच के बाद ही सत्यता पता चलेगी। मैंने भी बच्ची के पिता को जांच का आश्वासन दिया है।
- गोपाल राम बिनवाल, एसडीएम सदर