लगभग दो माह के समय में इन चीजों का अधिक उपयोग करने से लोगों को गर्दन दर्द, कंधा दर्द, बदन दर्द की शिकायत बढऩे लगी हैं। जिला अस्पातल की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. चारुल महेश्वरी ने बताया कि 22 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने के बाद से अप्रैल माह तक केंद्र बंद था।
इधर, चार मई को सेंटर फिर से शुरू हुआ। जिसके बाद से मई के महीने में 360 रोगी थेरेपी के लिए पहुंचे। इससे पूर्व सामान्य स्थिति में विभिन्न रोगों के 500 से अधिक रोगी पहुंचते थे। मई के महीने में रोगियों की संख्या घटी है, लेकिन अधिकांश रोगी कंधा, गर्दन और कमर दर्द के हैं।
टीवी, मोबाइल के अधिक उपयोग से गर्दन और कंधा दर्द बढऩे के आसार हैं। वहीं लॉकडाउन में घरों के कार्य निपटाने, भारी सामान उठाने पर लोगों को कमर दर्द की शिकायत बढऩे के भी आसार हैं।