पुलिस ने सभी की मौके पर ही डॉक्टरों से जांच कराई और हल्दुआ बैरियर पर ही एक कमरे में सभी को रखा गया। शेखर ने बताया कि उनके साथ पत्नी कविता बुधानी, भाई नवीन बुधानी, बेटी रीता, कोमल, खुशी और बेटा रूमाल बुधानी भी थे।
सोमवार दोपहर करीब 2 बजे के आसपास देवीदत्त की पत्नी देवकी की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पूरे परिवार में मातम छा गया। इस पर पीरूमदारा चौकी प्रभारी कवींद्र शर्मा ने एसडीएम विजयनाथ शुक्ल से वार्ता की।
एसडीएम शुक्ल ने भी स्थिति को समझते हुए परिवार को रानीखेत जाने की अनुमति दे दी। देर शाम परिवार अपने गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने बताया कि गांव में बुजुर्ग की पत्नी का देहांत हो चुका था। परिवार को जाने की अनुमति दी गई है। ऐसे स्थिति में तो मानवता को देखते हुए भी रोकना उचित नहीं था।