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Lockdown in Uttarakhand: आखिरी बार पत्नी से बात तक न कर पाया पति, मौत के बाद पुलिस ने दी घर जाने की अनुमति

Tue, 31 Mar 2020 03:44 PM IST
अलका त्यागी जीवन कुमार, अमर उजाला, रामनगर

सार

  • पत्नी की तबीयत खराब होने की सूचना पर लौटे थे पंजाब से, पुलिस ने रामनगर में रोका
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- फोटो : डेमो फोटो
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विस्तार
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लॉकडाउन के आगे बेबस बुजुर्ग पति करीब 90 किलोमीटर दूर अपनी बीमार पत्नी से आखिरी बार बात नहीं कर सका। सोमवार दोपहर पत्नी की मौत के बाद एसडीएम से अनुमति मिलने पर बुजुर्ग को परिवार के साथ रानीखेत जाने दिया गया। व्यक्ति की आंखें हमसफर का साथ छूटने का दर्द बयां कर रही थीं। देर शाम परिवार गांव पहुंच गया।

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ग्राम गेरा पोस्ट ऑफिस शिशवा रिची रानीखेत जिला अल्मोड़ा निवासी देवीदत्त बुधानी (85) दस दिन पहले ही अपने पोते शेखर बुधानी के पास मोहाली पंजाब गए थे। देवी दत्त मोहाली तो पहुंच गए, लेकिन दो दिन बाद ही 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर पूरे देश में लॉकडाउन हो गया।

शेखर बुधानी ने बताया कि 28 मार्च को गांव से फोन आया कि 82 वर्षीय दादी देवकी देवी की तबीयत काफी खराब हो गई है। बताया गया कि दादी अंतिम सांसें गिन रहीं हैं। सूचना पर दादा भावुक हो गए और घर जाने को कहने लगे। उसके बाद परिवार सहित सभी मोहाली से गांव के लिए कार में निकल गए। 29 मार्च की रात करीब 11 बजे पीरूमदारा क्षेत्र के हल्दुआ बैरियर में पहुंचे तो पुलिस ने रोक दिया।

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मौत होने के बाद एसडीएम ने दी जाने की अनुमति

पुलिस ने सभी की मौके पर ही डॉक्टरों से जांच कराई और हल्दुआ बैरियर पर ही एक कमरे में सभी को रखा गया। शेखर ने बताया कि उनके साथ पत्नी कविता बुधानी, भाई नवीन बुधानी, बेटी रीता, कोमल, खुशी और बेटा रूमाल बुधानी भी थे।

सोमवार दोपहर करीब 2 बजे के आसपास देवीदत्त की पत्नी देवकी की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पूरे परिवार में मातम छा गया। इस पर पीरूमदारा चौकी प्रभारी कवींद्र शर्मा ने एसडीएम विजयनाथ शुक्ल से वार्ता की।

एसडीएम शुक्ल ने भी स्थिति को समझते हुए परिवार को रानीखेत जाने की अनुमति दे दी। देर शाम परिवार अपने गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने बताया कि गांव में बुजुर्ग की पत्नी का देहांत हो चुका था। परिवार को जाने की अनुमति दी गई है। ऐसे स्थिति में तो मानवता को देखते हुए भी रोकना उचित नहीं था। 
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