हैजा के संक्रमण पर 1831 में फ्रांस के चिकित्सक मारियो डि जोन्स के शोध में खुलासा हुआ कि धार्मिक मेले में श्रद्धालुओं के अलावा सैन्य टुकड़ियों की आवाजाही से संक्रमण फैला। सैनिकों ने जहां डेरा डाला, वहीं महामारी फैली। कुंभ या अन्य बड़े मेलों से श्रद्धालु घर लौटते वक्त अनजाने में संक्रमित जल ले गए। इसके जरिए भी संक्रमण फैला। इतना ही नहीं रास्ते में तालाबों, नदियों और कुओं के जल के उपयोग के दौरान भी संक्रमण फैला।
-इंद्रकांत मिश्र (लेखक वरिष्ठ पत्रकार)
1879 से 1948 तक कुंभ-अर्द्धकुंभ में कॉलरा से हुईं मौतें
हरिद्वार - प्रयागराज (इलाहाबाद)
वर्ष आयोजन - मौतें - वर्ष आयोजन - मौतें
1879 कुंभ - 35892 - 1882 कुंभ - 89372
1885 अर्द्धकुंभ - 63457 - 1888 अर्द्धकुंभ -18704
1891 कुंभ - 169013 - 1894 कुंभ -178079
1897 अर्द्धकुंभ - 44208 - 1900 अर्द्धकुंभ -84960
1903 कुंभ - 47159 - 1906 कुंभ -149549
1909 अर्द्धकुंभ - 21823 -1912 अर्द्धकुंभ -18894
1915 कुंभ - 90508 - 1918 कुंभ -119746
1921 अर्द्धकुंभ - 149667 - 1924 अर्द्धकुंभ -67000
1927 कुंभ - 28285 - 1930 कुंभ -61334
1933 अर्द्धकुंभ - 1915 - 1936 अर्द्धकुंभ -6793
1938 कुंभ - 70622 - 1942 कुंभ -7662
1945 अर्द्ध कुंभ - 77345 - 1948 अर्द्धकुंभ -52604
(स्रोत- नोट ऑन कॉलरा इन युनाइडेट प्राविंस (उत्तर प्रदेश ) 1951 एसी बनर्जी)