लंबे समय बाद देहरादून में फिर दो क्षेत्र माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि जिले में इंदिरा गांधी नेशनल एकेडमी ओल्ड हॉस्टल एफआरआई और जी-2 बी-19 तिब्बतन कॉलोनी सहस्त्रधारा रोड कुल्हाल में कोरोना संक्रमित मिलेने पर कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को उक्त क्षेत्रों में कांटेक्ट ट्रेसिंग व प्रभावी सर्विलांस कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सधिकारी को इन क्षेत्रों में सैंपलिंग कार्य कराते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग कराने व जिला पूर्ति अधिकारी को उक्त क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं एवं खाद्यान्न की आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से मास्क का उपयोग करने व बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील की है।
आईएफएस अधिकारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने और इसकी समुचित सूचना जिला प्रशासन को न दिए जाने पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक पर आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम की तलवार लटक गई है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. आर. राजेश कुमार ने अकादमी निदेशक को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है।
पत्र में जिला मजिस्ट्रेट ने लिखा है कि 19 नवंबर को विभिन्न राज्यों से संबंधित भारतीय वन सेवा के आठ कोरोना संक्रमित अधिकारी आपकी संस्था के कार्यक्रम के अधीन दिल्ली में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। इन सभी अधिकारियों को बिना किसी सूचना के देहरादून जिले में स्थित अकादमी में प्रवेश दिया गया। जबकि कोरोना संक्रमण से संबंधित भारत सरकार के नियमों के तहत कोविड संक्रमित व्यक्ति को होम आईसोलेशन अथवा संस्थागत आईसोलेशन में रखा जाना चाहिए था।
इन आठ अधिकारियों में से एक हिमाचल निवासी कोरोना संक्रमित अधिकारी के बारे में सूचना मिली है कि वह किसी बिना सूचना के 24 नवंबर को हिमाचल के लिए रवाना हो गए हैं। 24 नवंबर को अकादमी में तीन अन्य व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिसकी सूचना 25 नवंबर तक स्थानीय जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई। जो कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2020 का उल्लंघन है। जिला मजिस्ट्रेट ने अकादमी निदेशक को लिखा है कि इस संबंध में तत्काल स्पष्ट करें।