फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रेन से सफर करने वाले ध्यान दें, अब 90 मिनट पहले पहुंचना होगा रेलवे स्टेशन, क्यूआर कोड से होगी टिकट चेकिंग

Fri, 24 Jul 2020 01:07 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • ट्रेन में बैठने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज जरूरी
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देहरादून में रेल से सफर करने वाले यात्रियों के 90 मिनट पहले रेलवे स्टेशन पर नहीं पहुंचने से रेलवे के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। आलम यह है कि ट्रेन छूटने से 15 मिनट पहले एक साथ तमाम यात्रियों के पहुंचने से अधिकतर की न तो थर्मल स्क्रीनिंग हो पा रही है और न किसी को सैनिटाइज किया जा रहा है।

विज्ञापन


इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अनुरोध किया कि वह समय से स्टेशन पहुंचे। बिना थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज के ट्रेन में बैठने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। फिर चाहे किसी की ट्रेन ही क्यों न छूट जाए। 


बता दें कि कोरोना संकट के चलते दून स्टेशन से इस समय केवल दो ट्रेनों (देहरादून-नई दिल्ली और देहरादून-काठगोदाम जनशताब्दी) का संचालन किया जा रहा है। रेलवे की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक यात्रियों को 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना जरूरी है। ताकि उनकी थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज कराया जा सके।

विज्ञापन

थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही

हकीकत यह है कि ज्यादातर यात्री ट्रेन रवाना होने से मात्र 15-20 मिनट पहले पहुंच रहे हैं। ऐसे में एक साथ यात्रियों के पहुंचने से न अधिकतर की थर्मल स्क्रीनिंग हो पा रही है और न किसी के हाथों को सैनिटाइज किया जा रहा है। लेकन अब रेलवे ने इस संबंध में कड़ा फैसला लिया है।

मुख्य वाणिज्य निरीक्षक एसके अग्रवाल का कहना है कि यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज किए बिना ट्रेन में बैठने की इजाजत नहीं दी जा सकती। ऐसे में जो यात्री ट्रेन रवाना होने से चंद मिनट पहले पहुंचेंगे उन्हें यात्रा करने में दिक्कत हो सकती हैं। भविष्य में बिना स्क्रीनिंग और सैनिटाइज किए यात्रा की अनुमति किसी भी सूरत में नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन

क्यूआर कोड से होगी टिकट चेकिंग

ट्रेन में यात्रियों के टिकट की चेकिंग अब सीधे नहीं होगी। चेकिंग के दौरान यात्रियों को रेलवे की ओर से भेजे गए क्यूआर कोड दिखाना होगा। इस कोड के जरिए चेकिंग स्टाफ यात्री की पूरी जानकारी जुटाएगी। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए रेलवे ने यह कदम उठाया है। 

वर्तमान में रेल यात्रा के दौरान यात्रियों के टिकट के साथ-साथ परिचयपत्रों की भी जांच की जाती है। इससे चेकिंग स्टाफ और यात्रियों के संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है। लेकिन अब इस व्यवस्था को रेलवे ने बदल दिया है। अब क्यूआर कोड के जरिए टिकट की चेकिंग की जाएगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य निरीक्षक रेखा शर्मा ने बताया कि आरक्षण कराने के साथ ही यात्रियों के मोबाइल पर क्यूआर कोड जनरेट करने के लिए रेलवे की ओर से लिंक भेजा जाएगा।

इस लिंक के जरिए यात्री अपना क्यूआर कोड जनरेट करेंगे। चेकिंग स्टाफ को यह क्यूआर कोड यात्री को दिखाना होगा। चेकिंग स्टाफ अपने मोबाइल से यात्री के क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। स्कैन के साथ ही यात्री की पूरी डिटेल स्टाफ के मोबाइल में आ जाएगी। इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। 

बता दें कि यात्रियों के साथ-साथ चेकिंग स्टाफ को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए रेलवे की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। जिसमें स्टेशन परिसर के साथ ही ट्रेनों को सैनिटाइज करना, यात्रियों की स्टेशन परिसर में दाखिल होने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग, उनके हाथों को सैनिटाइज करना आदि प्रमुख है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें