थानाध्यक्ष हेमंत खंड़ूड़ी ने पूछताछ के दौरान पाया कि उक्त प्रवासियों में 28 व्यक्ति टिहरी, चार चमोली और एक रुद्रप्रयाग का है। यह ट्रक से अपने गांव जाना चाहते है, प्रवासियों ने बताया कि लॉकडाउन से सभी का रोजगार बंद हो गया है। सभी उक्त ट्रक को किराए भाड़े पर अपने-अपने घर जाने के लिए बुक किया था। थानाध्यक्ष ने उक्त प्रकरण से जिला प्रशासन एवं उच्चाधिकारियों को सूचित कर सभी प्रवासियों का मेडिकल परीक्षण कराया।
बिना पंजीकरण आ रहे प्रवासी, नहीं लग पा रही रोक
योगनगरी ऋषिकेश में बिना पंजीकरण के बाहरी राज्यों में रहने वाले उत्तराखंड प्रवासियों के आने का सिलसिला लगातार जा रही है। ऐसे में यहां लगातार कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। रविवार को भी दिल्ली में रह रहे 25 टिहरी मूल के लोग बिना पंजीकरण के एक निजी बस में सवार होकर मुनिकीरेती स्थित पूर्णानंद खेल मैदान पहुंच गए। आनन-फानन में प्रशासन ने सभी के स्वास्थ्य की जांच की और स्थानीय बसों की सहायता से उनके गंतव्यों की ओर भेजा। केंद्र व राज्य सरकार के निर्देश पर बाहरी राज्यों में फंसे उत्तराखंड मूल
के लोगों को भेजने का क्रम लगातार जारी है।
इसमें प्रशासन की ओर पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं बसों में भेजने की सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं। साथ ही सभी के नाम व पते का ब्यौरा प्रशासन के पास मौजूद है। मगर इसके बावजूद बाहरी राज्यों में फंसे उत्तराखंड प्रवासियों का बिना पंजीकरण और परमिशन के आने का क्रम जारी है। खास बात यह है कि यहां आने से पूर्व इन लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण होने की भी कोई पुष्टि नहीं है। बीते शनिवार को भी नासिक, महाराष्ट्र से रुद्रप्रयाग मूल के 62 लोग एक ट्रक में सवार होकर मुनिकीरेती पहुंच गए थे। स्थानीय लोगों की तत्परता दिखाते हुए फौरन इसकी सूचना प्रशासन को दी। जिस पर प्रशासन ने सभी के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उनके गंतव्यों की ओर भेजा।