क्योंकि जरूरी नहीं कि सभी के शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडी विकसित हों। ऐसे में री-इंफेक्ट होने का डर रहता है। जिसमें रिस्क ज्यादा रहता है। हिमालयन अस्पताल जॉलीग्रांट की सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. राखी खंडूरी ने बताया कि जो कोविड-19 मरीज स्वस्थ हो गया है, उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग रखना, मास्क पहनना और खानपान जैसे नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।
वह यह न सोचें कि अस्पताल से स्वस्थ होकर वह घर आ चुके हैं तो कोरना अब उनको दोबारा नहीं होगा। उन्हें अपने लिए और अन्य लोगों के लिए भी गाइडलाइन के हिसाब से रहना बहुत जरूरी है। विदेशों में जो केस आए हैं, उनमें दोबारा संक्रमित होने के मामले बढ़े हैं।
कोरोना निगेटिव आने का मतलब यह नहीं है कि वह पूरी तरह से कोरोना वायरस से मुक्त हो गए हैं। इसके बाद भी शरीर में वायरस रहते हैं। इसलिए उन्हें सुपाच्य भोजन लेना और उसके साथ-साथ सांस संबंधी एक्सरसाइज, योग आदि करना जरूरी है।