एम्स ऋषिकेश में ऑक्सीजन किल्लत की समस्या को लेकर उठी अफवाहों का संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने निदेशक प्रो. रविकांत एवं एम्स प्रशासन से दूरभाष पर वार्ता कर इस संबंध में जानकारी ली।
निदेशक ने बताया कि एम्स ऋषिकेश में ऑक्सीजन की कोई किल्लत नहीं है, केवल ऑक्सीजन के दबाव में कुछ दिक्कत आ रही है। निदेशक ने बताया कि इस समस्या का जल्द ही निदान कर दिया जाएगा। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने एम्स प्रशासन से कहा कि जो भी मरीज एम्स ऋषिकेश में उपचार करा रहे हैं, उनका पूरा ख्याल रखा जाए। साथ ही मरीज को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी से अपील की कि इस घड़ी में किसी को भी पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। मरीजों को पूर्ण रूप से इलाज दिया जा रहा है। सभी लोग धैर्य रखें एवं अफवाहों पर ध्यान ना दें।
देहरादून प्रशासन ने अधिग्रहित किए कुछ बेड
देहरादून के जिलाधिकारी आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने विभूति सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में आठ आईसीयू बेड, एक वेंटिलेटर, 15 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड और सिटी हार्ट सेंटर में सात आईसीयू, दो वेंटिलेटर, व 12 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड को डीसीएचसी के रूप में अधिग्रहित किया है।
प्रदेश में कोरोना मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) ऋषिकेश में 500 बेड का अस्थायी कोविड अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से 11 करोड़ की राशि जारी की है। इस अस्पताल का संचालन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश (एम्स) की ओर से किया जाएगा।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए बेड कम पड़ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने जीएमवीएन ऋषिकेश में 500 बेड का अस्थायी कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है। इस अस्पताल को एम्स ऋषिकेश के माध्यम से संचालित किया जाएगा। अस्पताल के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से 11 करोड़ की राशि जारी कर दी है।
बुधवार को अपर सचिव वित्त अरुणेंद्र सिंह चौहान ने अस्थायी कोविड अस्पताल के लिए धनराशि जारी करने के आदेश दिए हैं। आदेश के अनुसार जिस कार्य के लिए धनराशि जारी की गई है। उसे अन्य कार्यों में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।