शासन ने जिलाधिकारियों और जिला चिकित्साधिकारियों से कहा है कि कोविड-19 के सक्रिय मामलों में कम से कम एक कॉल रोज की जाए। अभी तक होम आइसोलेशन वालों की शिकायत है कि उनकी सुध नहीं ली जा रही है।
वहीं, कहा गया है कि कंट्रोल रूम में एक वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती जरूर की जाए। कंट्रोल रूम में कोविड केे सक्रिय रोगियों की संख्या, नोडल अधिकारियों की सूची, शैय्या की स्थिति, एंबुलेंस के नंबर आदि को डिस्प्ले करने को भी कहा है। निर्देश दिए गए कि होम आइसोलेशन वालों को ई-संजीवनी प्लेटफार्म से जोड़ा जाए। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि हर पॉजिटिव रोगी को परिणाम आने के चार घंटे के अंदर मेडिकल किट देनी होगी।
कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए शासन ने माना है कि अस्पतालों में और जन संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। इन जनसंपर्क अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण काम सौंपे गए हैं। इनसे कहा गया है कि वे अस्पतालों में रोगियों को जानकारी देंगे। जिला प्रशासन और कंट्रोल रूम के साथ समन्वय बनाकर रखेंगे।