लक्खीबाग मुक्तिधाम की संचालक समिति शिवाजी सेवा समिति के मंत्री विनोद गोयल ने बताया कि करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई अस्थियां लेने नहीं आया तो समिति की ओर से एक सप्ताह पहले दो बोरे में रखी सभी अस्थियों को हरिद्वार जाकर विसर्जन किया गया। हालांकि लॉकर में रखी अस्थियां सुरक्षित हैं।
मालदेवता, टपकेश्वर में कर रहे विसर्जन
कोविड कर्फ्यू के चलते हरिद्वार नहीं जा पा रहे लोग मालदेवता और टपकेश्वर नदी में अस्थि विसर्जन कर रहे हैं। पंडित विनोद जोशी ने बताया कि अंतिम संस्कार के दस दिन बाद अस्थि विसर्जन करने की मान्यता होती है। ऐसे में लोग आसपास की नदियों में ही अस्थियों का विसर्जन कर रहे हैं।