प्रदेश में कोरोना से जहां पहले एक ही दिन में 10 से अधिक मरीजों की मौतें हो रही थी। वहीं, तीन दिन में आठ मौतें हुई है। कोरोना संक्रमण थमने के साथ ही अब मौत का ग्राफ पर कम हो रहा है। कोरोना से जंग में प्रदेश के लिए यह अच्छे संकेत हैं। वर्तमान में प्रदेश की मृत्यु दर 1.63 प्रतिशत है।
कोरोना से मृत्यु दर रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। सरकार की ओर से सरकारी व निजी अस्पतालों को संक्रमितों का इलाज ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल के अनुसार करने के सख्त निर्देश दिए हैं। रिकवरी दर में सुधार के साथ ही मृत्यु दर में कमी आई है।
-अमित नेगी, सचिव स्वास्थ्य
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए त्योहारी सीजन में और सजग व सतर्क रहने की जरूरत है। त्योहारों के समय बाजारों में भीड़ बढ़ेगी। ऐसे में मास्क का इस्तेमाल व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। लोगों को जागरूक करने के लिए अनुशासित तरीके से पैदल मार्च कर जागरूकता अभियान चलाया जाए। मास्क न पहनने पर सिर्फ चालान करना मकसद नहीं होना चाहिए। बल्कि जो लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं, उन्हें मास्क उपलब्ध कराके जागरूक किया जाए।
बृहस्पतिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री ने कोरोना की रोकथाम व बचाव कार्यों की समीक्षा की। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्दीधारी वाले विभाग पुलिस, वन विभाग के अलावा मीडिया, सामाजिक संगठन, कर्मचारी संगठन, छात्र संगठन, महिला समूह, किसान संगठन और कोविड विनर्स के माध्यम से पैदल मार्च कर लोगों को जागरूक किया जाए।
दो नवंबर से स्कूलों में 10वीं और 12वीं की कक्षाएं शुरू होंगी। कॉलेजों में प्रधानाचार्य, शिक्षक व कर्मचारी सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क की अनिवार्यता का पालन कराना सुनिश्चित करेंगे। सार्वजनिक स्थानों, पर्यटक स्थलों पर जागरूकता के लिए वॉल पेंटिंग कराई जाए।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि कोरोना के लक्षण पाए जाने पर शीघ्र कंट्रोल रूम व हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। सभी जिलों से फ्रंट लाइन वर्कर, संक्रमित, बुजुर्ग व गर्भवती महिलाओं की सूची अपडेट रखी जाए। लंबित सैंपलों की जांच में तेजी लाई जाए। भीड़ वाले स्थानों व कार्यालयों में थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाए।