प्रदेश में कोरोना मरीजों की रिकवरी दर में तेजी से सुधार हो रहा है। चार जिलों में रिकवरी दर 80 प्रतिशत ज्यादा है। बीते 14 दिन के भीतर रिकवरी दर में 11 प्रतिशत का सुधार आया है। ठीक होने वाले मरीजों में टिहरी जिला अव्वल है। जबकि सबसे कम पौड़ी जिला में 60 प्रतिशत रिकवरी दर है।
दो सप्ताह पहले प्रदेश की रिकवरी दर 66 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इसके बाद से संक्रमित मामलों को कमी आई है और ठीक होने वाले मरीज बढ़े हैं। इससे प्रदेेश की रिकवरी दर 11 प्रतिशत बढ़कर 77 प्रतिशत हो गई है। टिहरी, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और हरिद्वार में रिकवरी दर 80 प्रतिशत से अधिक है।
जबकि चंपावत, चमोली और पौड़ी जिले की रिकवरी दर 70 प्रतिशत कम है। कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रदेश में बीते दो सप्ताह में रिकवरी दर में सुधार आया है। मैदानी जिले हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जिले ने रिकवरी में सुधार किया है। दोनों जिलों की रिकवरी दर 80 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
निजी पैथोलॉजी लैबों में कोविड सैंपल टेस्ट में गड़बड़ी पर मानवाधिकार आयोग ने अमर उजाला की खबरों का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने जिलाधिकारी के माध्यम से की जा रही जांच की रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने 14 अक्तूबर को होने वाली सुनवाई में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
अमर उजाला में 20 सितंबर को प्रकाशित ‘प्राइवेट लैब के लिए धंधा बना कोरोना’ खबर पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग का कहना है कि निजी लैब में सैंपल जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है और सरकरी लैब में निगेटिव आ रही है, यह एक गंभीर मामला है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विजय कुमार बिष्ट ने आदेश में कहा है कि ऐसा लगता है कि कोविड जांच एक धंधा सा बन गया है। बता दें कि सचिव स्वास्थ्य ने जिलाधिकारी देहरादून को 15 दिन के भीतर मामले की जांच करने को कहा था। आयोग ने डीएम की जांच रिपोर्ट तलब की है।
कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद जिले में चार नए कंटेनमेंट जोन बना दिए गए हैं। इसके अलावा पूर्व में पाबंद किए गए तीन इलाकों में 14 दिन के एक्टिव सर्विलांस में नया मामला सामने न आने पर उन्हें कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद नगर निगम देहरादून के अजबपुरकला स्थित विजय बहुगुणा टीएचडीसी कॉलोनी, 24/21/1 बंगाली मोहल्ला, टीएचडीसी कॉलोनी अजबपुरकला एवं चमन विहार फेज-02 लेन नंबर-03 को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है।
इसके अलावा नया गांव हाथी बड़कला, प्रेमनगर माफी (चरखी गेट निकट) एवं लौहार गली 256-ए डाकरा नागेश्वर गढ़ी में नए मामले सामने न आने पर उन्हें कंटेनमेंट जोन से आजाद कर दिया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट के बाद डीएम ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।