कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से लगातार सैंपलिंग बढ़ाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन एक माह के भीतर सप्ताह में सबसे कम सैंपलों की जांच की गई। सैंपल जांच बढ़ती है तो संक्रमितों का आंकड़ा भी बढ़ेगा। बीते सप्ताह की तुलना में इस सप्ताह आठ हजार कम सैंपलों की जांच की गई।
प्रदेश में कोरोना काल को 252 दिन यानी 36 सप्ताह का समय बीत गया है। प्रदेश में पहला संक्रमित मरीज मिलने से लेकर अब तक 12.36 लाख सैंपलों की जांच की गई है। पिछले सप्ताह प्रदेश में 72173 सैंपलों की जांच हुई थी और 2966 लोग संक्रमित मिले थे, जबकि 2332 मरीज ठीक हुए थे।
लेकिन 15 से 21 नवंबर तक 36 वें सप्ताह में कुल 64278 सैंपलों की जांच हुई। जिनमें से 2788 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। वहीं, 2955 मरीज ठीक हुए हैं। एक माह पहले 24 अक्तूबर को एक सप्ताह में 85110 सैंपलों की जांच की गई थी। इसके बाद जांच में धीरे-धीरे कमी आई है। वर्तमान में 17 हजार से अधिक सैंपलों की जांच प्रतीक्षा में है।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा बना हुआ है। संक्रमण को रोकने के लिए सैंपल जांच बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।