प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। नवंबर में अब तक 10 हजार से अधिक ज्यादा संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 173 संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। सक्रिय मरीजों की संख्या में भी 800 की बढ़ोतरी हुई है।
त्योहारी सीजन के बाद ठंड बढ़ने के कारण कोरोना वायरस की रफ्तार बढ़ने का खतरा बना हुआ है। नवंबर में ही अब तक 10669 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं। 31 अक्तूबर को प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 62328 थी। जो बढ़ कर 73 हजार पार कर गई है।
वहीं, सक्रिय मरीज भी 3883 से बढ़ कर 4682 पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए सरकार ने 38 डेडिकेट कोविड अस्पताल और 420 कोविड केयर सेंटर बनाए हैं। इनमें कोरोना मरीजों के इलाज के लिए लगभग 25 हजार से अधिक आइसोलेशन बेड की व्यवस्था है।
स्वास्थ्य सचिव अमित सिंह नेगी का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर है। जांच बढ़ने के साथ ही संक्रमित मामले भी बढ़ रहे हैं। कोरोना की आने वाली स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश में व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
वर्तमान में 4682 सक्रिय मरीज अस्पताल व होम आइसोलेशन में इलाज ले रहे हैं। उन्होंने संक्रमण से बचाव के लिए सरकार व विभाग की तरफ से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को सतर्क और जागरूक करने की जरूरत है।
एम्स ऋषिकेश में भर्ती राज्यपाल बेबीरानी मौर्य अब पूर्ण स्वस्थ हैं। उनके स्वास्थ के मद्देनजर एम्स अस्पताल प्रशासन अब उन्हें डिस्चार्ज करने की योजना बना रहा है। उन्हें शनिवार को डिस्चार्ज किया जा सकता है।
कोविड 19 उपचार के लिए एम्स में भर्ती राज्यपाल का स्वास्थ्य अब पहले से बेहतर स्थिति में है। एम्स में भर्ती होने के बाद उन्हें उपचार के दौरान किसी भी प्रकार का कोविड19 का कोई नया लक्षण विकसित नहीं हुआ है। संक्रमित होने के बाद राज्यपाल को 23 नवंबर को उपचार के लिए भर्ती किया गया था।
एम्स के 5 विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नियमिततौर से निगरानी रख रही हैं। डीन (हॉस्पिटल अफेयर्स) प्रोफेसर यूबी मिश्रा ने बताया कि राज्यपाल अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उनके कोविड19 से संबंधित सभी मानक सामान्य हैं।
उन्होंने बताया कि महामहिम में कोविड के लक्षण विकसित हुए 10 दिन पूरे हो चुके हैं। ऐसे में सरकार की गाइडलाइन के तहत उन्हें अब डिस्चार्ज किया जा सकता है। प्रो. मिश्रा ने बताया कि उनके स्वास्थ्य में लगभग पूर्ण सुधार को देखते हुए उन्हें एक-दो दिनों के भीतर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।