प्रदेश में कोरोना काल के 231 दिनों में 10 लाख से ज्यादा सैंपल की जांच की गई है। प्रति लाख आबादी पर 8770 लोगों की जांच की जा रही है। नौ पर्वतीय जिलों में 45 प्रतिशत और चार मैदानी जिलों में 55 प्रतिशत सैंपल की जांच हुई है। उत्तरकाशी, चंपावत, रुद्रप्रयाग जिले में सबसे अधिक कोरोना जांच की गई हैं।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्तमान में औसतन 10 हजार सैंपल की जांच प्रतिदिन की जा रही है। प्रदेश की सवा करोड़ की आबादी पर अब तक 10 लाख से अधिक कोविड जांच की गई हैं। नौ पर्वतीय जिलों में संक्रमित मामले कम होने के बाद भी सैंपल जांच ज्यादा की गई।
इन जिलों में प्रदेश के कुल संक्रमितों में से 28 प्रतिशत मामले हैं। जबकि चार मैदानी जिले देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर में 72 प्रतिशत संक्रमित मामलेे हैं और 55 प्रतिशत सैंपल जांच की गई। वर्तमान में जांच के लिए भेजे गए 14 हजार से अधिक सैंपल लंबित हैं।
कोरोना के आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रदेश में प्रति लाख पर 8770 सैंपल की जांच हो रही है। मैदानी जिलों में सैंपल जांच बढ़ाने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग का लंबित सैंपलों पर फोकस होना चाहिए।