देश के पांच राज्यों में बिजली कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर घोषित किया जा चुका है। उन राज्यों में अगर किसी बिजली कर्मचारी का निधन कोरोना की वजह से होता है तो उसके परिवार को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाती है।
अब उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से तीनों ऊर्जा निगमों के कार्मिकों को कोरोना वॉरियर घोषित करने की मांग की है। मोर्चा के संयोजक इंसारुल हक ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने चार मई को एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत बिजली कर्मचारी कोरोना वॉरियर हैं और कोरोना से निधन होने पर उनके परिवार को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाती है।
इसी प्रकार, गुजरात ऊर्जा विकास निगम ने भी पांच मई 2020 को कोरोना से मृत कार्मिकों के परिजनों को वित्तीय मदद का आदेश जारी किया है। मध्य प्रदेश सरकार ने आठ मई को, उड़ीसा सरकार ने 30 मार्च को इस तरह का आदेश जारी किया है।
वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने कुल वैक्सीन का 20 प्रतिशत हिस्सा फ्रंटलाइन वर्कर्स को देने का आदेश जारी किया है। लिहाजा, उन्होंने उत्तराखंड सरकार से मांग की है कि तत्काल तीनों ऊर्जा निगमों के कार्मिकों को कोरोना वॉरियर घोषित किया जाए। इसके साथ ही उनके लिए विशेष टीकाकरण अभियान संचालित किया जाए।
डिप्लोमा इंजीनियर्स की मांग, मृतक कार्मिकों के परिजनों को जल्द मिले नौकरी
विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक हुई। बैठक में मांग की गई कि जिन कार्मिकों का निधन कोरोना संक्रमण से हुआ है, उनके परिवार के सदस्य को एक माह के भीतर नौकरी दी जाए। बैठक में 28 मई की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर भी चर्चा हुई। साथ ही मांग की कि सभी बिजली कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर घोषित किया जाए।
अगर ऐसा न किया गया तो सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज सैनी ने कहा कि 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी एक भी बात सुनने को तैयार नहीं है। जल्द ही सरकार ने कोई फैसला न लिया तो वह आगे की रणनीति बनाएंगे।