प्रदेश में रोजाना कोरोना मरीजों की तादाद बढ़ने से सरकार ने होम आइसोलेशन का दायर बढ़ाया है। अब कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला या बच्चे को जन्म देने वाली महिला व नवजात शिशु को भी होम आइसोलेशन की सुविधा मिल सकेगी। इस संबंध सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने आदेश जारी किए हैं। प्रदेश में अब तक 600 से अधिक कोरोना संक्रमितों ने होम आइसोलेशन की सुविधा ली है।
प्रदेश में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों बढ़ने से सरकार ने आठ अगस्त को होम आइसोलेशन की अनुमति देने हुए एसओपी जारी की थी। शुरुआत में कोरोना लक्षण रहित मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति दी गई थी। एक सितंबर से सरकार ने 10 साल से कम आयु के बच्चे और 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी होम आइसोलेशन की अनुमति दी है।
सचिव स्वास्थ्य की ओर से जारी आदेश के अनुसार कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाएं, जो किसी अन्य बीमारी से ग्रसित नहीं है या जिन गर्भवती महिलाओं ने बच्चे को जन्म दिया है और नवजात शिशु के साथ होम आइसोलेशन की सुविधा दी जाएगी। बता दें कि प्रदेश में अब तक लगभग 600 से अधिक कोरोना मरीजों ने होम आइसोलेशन की सुविधा ली है। होम आइसोलेशन सुविधा लेने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।