बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर पर्यटन मंत्री ने सुबह वर्चुअल दर्शन किए। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अन्य धामों की तरह बदरीनाथ धाम के कपाट भी खोले गए।
उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कोरोना महामारी से स्थिति सामान्य होने पर चारधाम यात्रा का संचालन किया जाएगा। वर्तमान में कोरोना संक्रमण बढ़ने पर सरकार ने यात्रा को स्थगित किया है।
बदरीनाथ धाम के कपाट छह माह के लिए मंगलवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त में खोल दिए गए। कोरोना काल में सुरक्षा के तमाम इंतजाम के बीच कपाट खुलने पर महाराज ने देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को बधाई दी।
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर पर्यटन मंत्री ने सुबह वर्चुअल दर्शन किए। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अन्य धामों की तरह बदरीनाथ धाम के कपाट भी खोले गए। रावल, तीर्थ पुरोहित और प्रशासनिक अधिकारियों की सीमित मौजूदगी में पूरे विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मेष लग्न पुष्य नक्षत्र में मंगलवार सुबह सवा चार बजे भगवान बद्री विशाल के पट खोले गए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए चारधाम यात्रा स्थगित रहने तक वर्चुअल दर्शन की व्यवस्था की गई है। जिससे घर बैठे श्रद्धालु चारधाम के वर्चुअल दर्शन कर सकते हैं। कोरोना से प्रदेश को बचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ खोल दिए गए बदरीनाथ धाम के कपाट
बदरीनाथ धाम के कपाट मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मेष लग्न और पुष्य नक्षत्र में प्रात: 4 बजकर 15 मिनट पर खोल दिए गए। अब छह माह तक ग्रीष्मकाल में भगवान बदरीनाथ की पूजा-अर्चना रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी की ओर से की जाएगी। बदरीनाथ के कपाटोद्घाटन पर धाम में मौजूद हक-हकूकधारी व वेदपाठी ब्राह्मणों ने बदरीनाथ की अखंड ज्योति के दर्शन किए। बदरीनाथ का पहला महाभिषेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से किया गया।
ब्रह्ममुहूर्त में तीन बजे से ही बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। कुबेर जी की उत्सव डोली बामणी गांव से लक्ष्मी द्वार से होते हुए बदरीनाथ मंदिर प्रांगण पहुंची, जबकि उद्धव जी की डोली भी मुख्य द्वार से मंदिर प्रांगण में पहुंची। इसके पश्चात धाम के कपाट खोल दिए गए।