विधानसभा सत्र की तैयारी के तहत सोमवार को मंत्रियों के सरकारी आवास सहित विधायक आवास और विधानसभा में आरटीपीसीआर टेेस्ट कराए गए। विधानसभा से मिली जानकारी के मुताबिक विधायक आवास में कुल 11 विधायकों ने आरटीपीसीआर टेस्ट कराया। टेस्ट मंगलवार को भी कराए जाएंगे।
इसी तरह मंत्रियों के आवास पर भी टेस्ट कराए गए। महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल और सहकारिता मंत्री धनसिंह रावत सहित विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने भी टेस्ट कराया।
विधानसभा में कुल मिलाकर 62 लोगों के टेस्ट किए गए। इनमें विधानसभा कार्यालय के तीन कार्मिक पॉजिटिव पाए गए। इनमें एक समीक्षा अधिकारी, एक एपीएस और एक स्टाफ गाड़ी का चालक शामिल है। सचिवालय का एक वाहन चालक भी पॉजिटिव पाया गया है।
विधानसभा सचिवालय के मुताबिक विधायकों और विधानसभा कर्मियों के आज 22 सितंबर को भी टेस्ट होंगे। इसके अलावा विधायक अपने स्तर पर भी टेस्ट करा रहे हैं। इस बार कोरोना को देखते हुए विधानसभा ने तय किया है कि कोविड-19 का निगेटिव सर्टिफिकेट जरूर होना चाहिए। सत्र के लिए अभी कई विधायक पहुंचे भी नहीं हैं। कुछ विधायक जिला मुख्यालयों से भी जुड़ने की पेशकश कर रहे हैं।
इन विधायकों ने कराया टेस्ट
ऋतु खंडूरी, शक्तिलाल शाह, खजानदास, प्रीतम पंवार, करन माहरा, मनोज रावत, ममता राकेश, गोविंद सिंह कुंजवाल, आदेश चौहान आदि।
हरिद्वार में 40 वीं पीएसी वाहिनी में एक साथ 20 जवानों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से खलबली मच गई। प्रशासन के लिए राहत वाली बात यह है कि जिलाधिकारी सी रविशंकर की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस के कोरोना संक्रमित होने के बाद जिलाधिकारी ने जांच के लिए अपना सैंपल दिया था और होम आइसोलेट हो गए थे। शनिवार को पीएसी के 20 जवानों सहित 99 लोगों कर रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
40 वीं पीएसी वाहिनी के कमांडेंट जन्मेंजय खंडूरी ने बताया कि परिसर में कैंप लगाकर कोरोना के प्राथमिक लक्षण दिखाई देने और बाहर से आने वाले जवानों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। उन्होंने बताया कि 150 जवानों के सैंपल लिए गए थे। इसमें से 20 जवानों में कोरोना की पुष्टि हुई।
उन्होंने बताया कि सभी संक्रमित जवानों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. एसके झा ने बताया कि शनिवार को 99 मरीजों के सामने आए और 37 मरीजों के स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि 604 लोगों के सैंपल लिए। जनपद में अभी तक 7659 मरीजों के मामले सामने आ चुके हैं। जिले में अब तक 96399 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 90955 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है, जबकि अभी तक 5444 सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त होनी शेष है।
देहरादून जिले की उन प्राइवेट लैब्स पर जांच कमेटी विशेष निगाह रखेगी, जिनके कोरोना सैंपलों की रिपोर्ट बाहर से आती है। कमेटी यह भी देखेगी कि लैब आईसीएमआर की गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं या नहीं। सोमवार से जांच कमेटी ने काम शुरू कर दिया। कमेटी को सात दिन बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव को रिपोर्ट सौंपनी है।
कमेटी की अध्यक्ष सीडीओ नितिका खंडेलवाल ने बताया कि सैंपल लेने के नियमों की पड़ताल की जा रही है। देखा जा रहा है किदो टेस्ट के बीच कितना अंतराल है? सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है या नहीं? वहीं, डाटाकलेक्शन की स्थिति पर भी नजर रखी जाएगी।
कुछ लैब्स द्वारा सैंपलिंग के दौरान लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर गलत दर्ज करने की शिकायत भी मिल रही है। इसकी भी जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में डॉ. लाल, हिमालयन लैब, मैक्स, महंत इंदिरेश अस्पताल, मेट्रो, सिनर्जी, एसएलआर, आहूजा तथा सीएमआई और कनिष्क पैथ लैब को सैंपलिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा पैथकाइंड की सैंपलिंग पर रोक लगाई गई है।
बता दें कि जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बीते रविवार को जिले की सभी प्राइवेट लैब्स की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। सीडीओ नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में बनी कमेटी में एडीएम प्रोटोकॉल गिरीश गुणवंत, डॉ. राजीव दीक्षित व डॉ. शलभ को शामिल किया गया है।