मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली से शनिवार को डिस्चार्ज हो जाएंगे। उनके स्वास्थ्य में काफी तेजी से सुधार हुआ है और उनकी सभी रिपोर्ट सामान्य हैं। मुख्यमंत्री के फीजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट ने ये जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री 18 दिसंबर को कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। तब से वह आईसोलेशन में रहे। 27 दिसंबर को मुख्यमंत्री को हल्का बुखार हुआ। दून अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनकी चेस्ट में मामूली संक्रमण मिला। डाक्टरों की सलाह पर वह एम्स दिल्ली में भर्ती हो गए।
वहां उनके स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हुआ। मुख्यमंत्री के फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री की सभी रिपोर्ट सामान्य हैं और उनके शनिवार तक डिस्चार्ज हो जाने की पूरी संभावना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी और बेटी का स्वास्थ्य भी ठीक है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री एम्स से छुट्टी मिलने के बाद एक-दो दिन दिल्ली में रह सकते हैं। इसके बाद वह देहरादून लौट आएंगे।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण काल को 10 माह का समय बीत गया है। अब तक मिले कुल संक्रमितों में से 69 प्रतिशत चार मैदानी जिलों में मिले हैं। वहीं, शेष 31 प्रतिशत संक्रमित नौ पर्वतीय जिलों में सामने आए हैं। 30 प्रतिशत संक्रमित मरीज अकेले देहरादून जिले में ही मिले हैं।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। दस माह के भीतर लगभग 18 लाख लोगों की कोविड-19 जांच की गई, जिसमें 91 हजार से अधिक लोग संक्रमित मिले हैं। देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल जिले में अब तक 63,079 संक्रमित मिले हैं। जो प्रदेश के कुल संक्रमितों का 69 प्रतिशत है। वहीं, मैदानी जिलों में 1300 से अधिक कोरोना मरीजों की मौत हुई है। जबकि 58 हजार से ज्यादा मरीजों ने कोरोना को मात दी है।
पर्वतीय जिले पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर व चंपावत जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 27841 है। जो प्रदेश के कुल संक्रमितों का 31 प्रतिशत है। इनमें 25403 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 202 मरीजों की मौत हुई है।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि कोरोना काल के दस माह में मैदानी जिलों में ज्यादा संक्रमित मामले मिले हैं। जबकि पर्वतीय जिलों में संक्रमितों की संख्या कम है।
मोरी प्रखंड में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों में चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने रास्ती एवं रमाल गांव में चार-चार कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर इन दोनों गांवों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर गांव के रास्तों को सील कर दिया है।
कोविड मजिस्ट्रेट मक्खन सिंह नेगी ने बताया कि बीते रोज मोरी प्रखंड के रास्ती एवं रमाल गांव में चार-चार लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ऐसे में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इन दोनों गांवों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
इन गांवों के रास्ते सील कर गांव से बाहर जाने और गांव में आने पर प्रतिबंध लगाया गया है। गांव में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए कर्मचारियों की टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि रास्ती गांव में 30 और रमाल गांव में 55 परिवार निवास करते हैं।
नए साल के पहले दिन विधानसभा की ओर से कलेंडर जारी करते हुए कोविड-19 से बचाव के लिए सतर्क रहने पर जोर दिया गया। नए साल के इस कलेंडर में विधानसभा से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई हैं।
यमुना कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में कलेंडर जारी करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने लोगों से कोरोना को लेकर सावधान और सतर्क रहने की अपील की। स्पीकर ने कहा कि नए साल में इस चुनौती से पार पाने की उम्मीद की जा सकती है।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार ने कोरोना संकट के बावजूद प्रदेश के विकास की रफ्तार कम नहीं होने दी। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान समय हम सभी के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का है।
विधायक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, खजान दास, विश्वास डाबर, डॉ. सुरेंद्र मोगा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, भगवत प्रसाद मकवाना सहित अन्य कई उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश सती ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ लोगों को सम्मानित भी किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कोरोना संक्रमण से अभी पूरी तरह से ठीक भी नहीं हो पाए हैं कि अब उनके पिता, पत्नी और तीनों बच्चे कोरोना संक्रमित हो गए हैं। पिता, पत्नी और एक बच्ची को एहतियात के तौर पर बृजलाल हास्पिटल में भर्ती कराया गया है।
बता दें कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा 27 दिसंबर को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। बुखार तेज होने के कारण उन्हें रविवार को एसटीएच में भर्ती कराया गया था। दो दिन बाद उनकी तबियत में सुधार होने पर डिस्चार्ज कर आइसोलेट रहने की सलाह दी थी। एसएसपी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद परिजनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव थी।
सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि एसएसपी के पिता, पत्नी और बच्चों को कुछ परेशानी हो रही थी, इसलिए दोबारा जांच कराई गई और उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। एसएसपी के पिता मधुमेह और ब्लड प्रेशर से ग्रस्त हैं। उनके पिता, पत्नी और एक बच्ची को बृजलाल हास्पिटल में भर्ती कराया गया हैं। तीनों का सीटी स्कैन कराया गया है, जबकि दो बच्चे घर पर ही आइसोलेट हैं।
दूसरी ओर एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि 58 वर्षीय राजपुरा हल्द्वानी निवासी महिला को 31 दिसंबर को भर्ती कराया गया था। मरीज मधुमेह और हृदय रोग से ग्रस्त थीं। इलाज के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। मुक्तेश्वर निवासी 73 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 19 दिसंबर को भर्ती कराया गया था। महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डॉ. जोशी ने बताया कि एसटीएच में 152 कोविड पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं और 70 की हालत गंभीर हैं। 09 को आइसोलेशन में रखा गया है।
प्राचार्य, एसपी ट्रैफिक और एसोसिएट प्रोफेसर की तबीयत में हुआ सुधार
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, पुलिस अधीक्षक यातायात राजीव मोहन और मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह की तबियत में कुछ सुधार हुआ है। डॉ. जोशी ने बताया कि डॉ. भैसोड़ा और राजीव मोहन को हल्का बुखार आ रहा है।