उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण से थोड़ी राहत मिली है। संक्रमितों की तुलना में रिकवरी दर बढ़ी है और कोरोना मरीजों की मृत्यु दर में कमी आई है। बीते सात दिनों के भीतर प्रदेश में 93 हजार से अधिक कोविड जांच की गई। इसमें 2326 संक्रमित मिले हैं। इस दौरान 3307 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। वहीं, 46 कोरोना मरीजों की मौत हुई है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण काल को 294 दिन यानी 42 सप्ताह का समय बीत गया है। नए साल में कोरोना जंग में सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। सात दिन के भीतर 93963 लोगों की जांच हुई है। इसमें 2326 संक्रमित मामले सामने आए हैं।
41वें सप्ताह की तुलना में 1039 कम संक्रमित मिले हैं। वहीं, 3307 मरीज स्वस्थ हुए हैं। बीते सप्ताह प्रदेेश में 68 कोरोना मरीजों की मौत हुई थी। जबकि 42वें सप्ताह में 46 मरीजों ने दम तोड़ा है।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पिछले साढ़े पांच महीनों में सात दिनों में सबसे कम संक्रमण दर 2.48 प्रतिशत रही है।
पिछले सप्ताह की तुलना में 15 हजार कम सैंपलों की जांच हुई है, लेकिन रिकवरी दर बढ़ी और मृत्यु दर में कमी आई है। नए साल के शुरुआत में कोरोना संक्रमण के नतीजे राहत देने वाले हैं।
कोविड टीकाकरण के लिए प्रदेश में सभी तैयारियां पूरी की गई है। सरकार को उम्मीद है कि जनवरी माह के अंत या फरवरी के शुरूआत में कोविड वैक्सीन मिल सकती है। पहले चरण में प्रदेश के 94 हजार हेल्थ वर्करों को कोरोना टीका लगाया जाएगा। नौ जनवरी को सभी जिलों में कोविड टीकाकरण का पूर्वाभ्यास(ड्राई रन) किया जाएगा।
प्रदेश के 2319 सरकारी और 2366 निजी अस्पतालों के 94668 हेल्थ वर्करों को पहले चरण में टीका लगाया जाना है। केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार शनिवार को राज्य स्तर पर पांच अस्पतालों में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास सफल रहा। अब सरकार की ओर से नौ जनवरी को सभी जिलों में कोविड टीकाकरण के इंतजाम को परखा जाएगा। केंद्र ने कोविड वैक्सीन की मंजूरी मिल गई है। इस माह के अंत तक या फरवरी माह के शुरूआत में राज्य को कोविड वैक्सीन मिल सकती है। जिसके बाद टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा।
प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि कोविड वैक्सीन लगाने के लिए राज्य, जिला व ब्लाक स्तर पर तैयारी गई है। वैक्सीन के लिए 317 कोल्ड चेन प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं। इसमें तीन रीजनल वैक्सीन स्टोर शामिल हैं। जनवरी माह के अंत तक केंद्र से कोविड वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। राज्य स्तर पर पूर्वाभ्यास के बाद नौ जनवरी को सभी जिलों में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास करने की तैयारी है।
कोरोना वैक्सीन का देश में बनना गर्व की बात: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह संपूर्ण देशवासियों के लिए गर्व की बात है कि कोविड-19 की वैक्सीन भारत में ही बनी है। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी वैक्सीन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्री और वैज्ञानिकों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में कोरोना महामारी से लड़ने के लिए लंबे समय से कोविड-19 स्वदेशी वैक्सीन का इंतजार अब खत्म हो चुका है।
कोरोना वैक्सीन विशेष समिति की सिफारिश पर ड्रग कंट्रोल ऑफ इंडिया ने भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ और सीरम इंस्टीट्यूट की ‘कोविशील्ड’ को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। संपूर्ण देशवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि ये दोनों ही वैक्सीन भारत में ही बनी हैं।