दवा - मात्रा - ब्रांडेड (दाम रुपये में) - जेनेरिक (दाम रुपये में)
आइवरमेकटिन छह गोली 224 30
अजिथ्रोमायसिन पांच गोली 118 45
पैरासिटामोल दस गोली 13 8
विटामिन सी 15 गोली 29 15
जिंक कैप्सूल 15 गोली 105 8
राजधानी में 40 जन औषधि केंद्र
राजधानी में जेनेरिक दवाओं की कोई कमी नहीं है। राजधानी के विभिन्न इलाकों में 40 से अधिक प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वहीं ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं बेचने वाले तमाम मेडिकल स्टोर संचालक भी जेनेरिक दवाएं बेचते हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो जेनेरिक दवाएं भी ब्रांडेड दवाओं की तरह कारगर हैं। दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत का कहना है कि जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं में कोई अंतर नहीं है। यही बात वरिष्ठ पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. अंकित अग्रवाल ने भी कही।
जेनेरिक दवाओं की बढ़ रही मांग
प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र संचालक मुकुल अग्रवाल का कहना है कि कोरोना फैलने के साथ ही जेनेरिक दवाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र में दवाएं लेने आ रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों की ओर से कोरोना मरीजों के लिए कोरोना किट तैयार कराए गए हैं।