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उत्तराखंड : कोरोना की सस्ती जेनेरिक दवाएं भी हैं उपलब्ध, देहरादून में हैं 40 से अधिक प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र

Thu, 13 May 2021 02:20 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

ब्रांडेंड कंपनियों की यही दवाएं पांच गुना ज्यादा कीमत पर बेची जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जेनेरिक दवाएं उतनी ही कारगर हैं जितनी ब्रांडेड दवाएं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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कोरोना के इलाज में काम आ रहीं दवाएं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर बेहद कम कीमत पर उपलब्ध हैं। इन केंद्रों पर मात्र 106 रुपये में कोरोना किट उपलब्ध है। जबकि, ब्रांडेंड कंपनियों की यही दवाएं पांच गुना ज्यादा कीमत पर बेची जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जेनेरिक दवाएं उतनी ही कारगर हैं जितनी ब्रांडेड दवाएं।

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राजधानी में 90 फीसदी मरीज घर में ही आइसोलेट होकर इलाज करा रहे हैं। महज 10 फीसदी गंभीर मरीजों को ही अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ रहा है। घर में आइसोलेट मरीजों को सरकार की ओर से कोरोना किट मुहैया कराई जाती है। हालांकि, पिछले दिनों तमाम मरीजों को यह किट उपलब्ध नहीं हो पाई थी।
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ऐसे मरीजों को खुद ही जरूरी दवाएं खरीदनी पड़ी। लेकिन, लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि यह दवाएं प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों में सिर्फ 106 रुपये में उपलब्ध हैं। जबकि यदि ब्रांडेड कंपनियों की दवाइयां ली जाएं तो मरीजों को 480 रुपये देने पड़ रहे हैं।

दवाओं के दाम 

दवा            -         मात्रा       -    ब्रांडेड (दाम रुपये में)  - जेनेरिक (दाम रुपये में)
आइवरमेकटिन     छह गोली             224                 30
अजिथ्रोमायसिन     पांच गोली         118                 45
पैरासिटामोल          दस गोली         13                     8
विटामिन सी         15 गोली         29                     15
जिंक कैप्सूल         15 गोली         105                 8

राजधानी में 40 जन औषधि केंद्र 

राजधानी में जेनेरिक दवाओं की कोई कमी नहीं है। राजधानी के विभिन्न इलाकों में 40 से अधिक प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वहीं ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं बेचने वाले तमाम मेडिकल स्टोर संचालक भी जेनेरिक दवाएं बेचते हैं।
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ब्रांडेड जैसे ही कारगर हैं जेनेरिक दवाएं

चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो जेनेरिक दवाएं भी ब्रांडेड दवाओं की तरह कारगर हैं। दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत का कहना है कि जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं में कोई अंतर नहीं है। यही बात वरिष्ठ पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. अंकित अग्रवाल ने भी कही।

जेनेरिक दवाओं की बढ़ रही मांग

प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र संचालक मुकुल अग्रवाल का कहना है कि कोरोना फैलने के साथ ही जेनेरिक दवाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र में दवाएं लेने आ रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों की ओर से कोरोना मरीजों के लिए कोरोना किट तैयार कराए गए हैं।
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