सत्र के लिए विधानसभा अभी किसी एक निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हर संभव विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
प्रदेश में 23 सितंबर से तीन दिन का विधानसभा सत्र शुरू होना है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण इस बार के सत्र में विधानसभा को सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य मानकों का पालन करना है। परेशानी यह है कि दो गज की दूरी के नियम के हिसाब से विधानसभा मंडप में सिर्फ 36 विधायक ही बैठ सकते हैं।
ऐसे में विधानसभा सचिवालय यह तय नहीं कर पा रहा है कि किस तरह से विधायकों का सिटिंग प्लान बनाया जाए। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक वर्चुअल सदन पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि यह विधानसभा के लिए आसान नहीं होगा। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश इस विकल्प को पूरी तरह से नकार चुकी हैं।
विधानसभा में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की किट बंटी
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा में आयुष की ओर तैयार किए गए रोग प्रतिरोधतक क्षमता बढ़ाने वाले किट भी बांटे। विधानसभा के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ये किट बांटे गए। अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है, इससे सावधान रहने की जरूरत हैै। इस दौरान विधायक खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, पूर्व विधायक आशा नौटियाल, विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल सहित कई लोग उपस्थित थे।