कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए सरकार की तमाम कोशिश के बावजूद उत्तराखंड में सैंपलिंग तो बढ़ी है लेकिन, जांच के लिए भेजे गए सैंपल का बैकलॉग भी बढ़ रहा है। हरिद्वार, पौड़ी और पिथौरागढ़ जिले में सबसे ज्यादा सैंपल का बैकलॉग है।
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प्रदेश में 15 मार्च से अब तक 1.95 लाख सैंपल की जांच की गई है। सैंपलिंग बढ़ने से कोरोना के मरीजों की तादाद भी बढ़ी है। पहले की तुलना में प्रदेश में जांच लैब बढ़ने से अब रोजाना चार हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
इसके बावजूद भी सैंपल की वेटिंग बढ़ती जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में पांच सरकारी और पांच निजी पैथोलॉजी लैब में कोविड सैंपल की जांच की सुविधा है। इसके अलावा सरकार ने सभी जिलों को सैंपल जांच के लिए ट्रू नेट मशीनें दी हैं। जिससे संदिग्ध मरीज में कोरोना संक्रमण का शीघ्र पता लग सके।
हरिद्वार जिले में 1621, पौड़ी में 1249, पिथौरागढ़ में 1258, उत्तरकाशी में 834, अल्मोड़ा में 1057 और बागेश्वर, चमोली, चंपावत जिले में सैंपल की वेटिंग पांच सौ से अधिक है। स्वास्थ्य सचिव अमित सिंह नेगी का कहना है कि सभी जिलों को सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पहले की तुलना में सैंपल जांच काफी बढ़ी है। प्रतिदिन औसतन पांच हजार से अधिक सैंपल की रिपोर्ट आ रही है।