इस बीच कई लोग किट के साथ पल्स ऑक्सीमीटर नहीं पहुंचने की शिकायत कर रहे हैं। उनका कहना है कि पैकेट पर पल्स ऑक्सीमीटर भी होने की बात लिखी गई है, लेकिन खोलने पर पता लग रहा है कि उसमें पल्स ऑक्सीमीटर है ही नहीं। बाजार में भी पल्स ऑक्सीमीटर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
इस संबंध में संपर्क करने पर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप कुमार डिमरी ने बताया कि पल्स ऑक्सीमीटर की किल्लत के चलते यह समस्या आई है। इसके लिए पहले ही टेंडर भी डाल दिया गया था, लेकिन अभी कोई कंपनी इसके लिए आगे नहीं आई है। विभिन्न स्तरों पर पल्स ऑक्सीमीटर की उपलब्धता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही पल्स ऑक्सीमीटर मिल जाएंगे। जिन्हें शीघ्रता से मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा।
जांच रिपोर्ट मिलने में भी हो रही है दिक्कत
देहरादून में बने विभिन्न केंद्रों पर हो रही आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट कई दिन तक नहीं मिल पा रही है। इससे कोरोना संक्रमित मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। मजबूरन उन्हें निजी लैब में दोबारा जांच के लिए सैंपल देना पड़ रहा है।
प्रशासन ने घंटाघर, रेलवे स्टेशन आदि जगह पर भी कोरोना सैंपल लेने की व्यवस्था की हुई है, लेकिन वहां से भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट कई दिन तक न मिलने की वजह से तमाम लोग परेशान हैं। लोग कई बार दून अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। साथ ही हेल्पलाइन नंबरों पर भी इस बारे में जानकारी मांग रहे हैं,लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप कुमार डिमरी ने बताया कि यह सैंपल पहले सीएमओ कार्यालय आते हैं और उसके बाद एम्स या राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की लैब में कोरोना जांच के लिए जाते हैं। संभवत जांच में देरी की वजह से जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पा रही होगी।