दरअसल कोरोना किट के पैकेट तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में मंगाए गए थे। अब इन्हीं पैकेट में कोरोना किट की दवाएं और अन्य चीजें होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को दी जा रहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री की तस्वीर की जगह जागरूकता का स्टीकर लगाया जा रहा है।
पूर्व विधायक राजकुमार, जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता गीता बिष्ट और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा आदि लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए शिकायत की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चीजों पर किसी नेता की तस्वीर लगाई ही नहीं जानी चाहिए।
वहीं, इस संबंध में संपर्क करने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप कुमार डिमरी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री की तस्वीर की जगह पैकेट पर कोरोना से बचाव को लेकर जागरूकता से संबंधित स्टीकर लगाए जा रहे हैं। यह कार्य सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी दिन-रात जुटकर मेहनत से कर रहे हैं।
किट पहुंचने में सीएमओ कार्यालय के स्तर से कोई देरी नहीं की जा रही है। साथ ही स्टीकर से लोगों को कोरोना से बचाव के बारे में भी जागरूक करने की कोशिश की जा रही है।