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उत्तराखंड में कोरोना : मरीजों को सिर्फ फोन आ रहे हैं, नहीं मिल रही दवा, बाजार से दवा खरीदने को मजबूर

Thu, 13 May 2021 03:21 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

दवाएं समय पर नहीं मिलने से अधिकतर मरीज बाजार से दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के कोविड मरीजों की जांच और दवा किट पहुंचाने के दावों की भी पोल खुल रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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कोविड के बढ़ते संक्रमण से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की व्यवस्थाएं लड़खड़ा गई हैं। कोविड जांच कराने और रिपोर्ट लेने ही नहीं बल्कि होम आइसोलेट अधिकतर मरीजों को दवाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। पॉजिटिव मरीजों को दिनभर कभी स्वास्थ्य विभाग तो कभी पुलिस और कभी तहसील से फोन आ रहे हैं, लेकिन दवा पहुंचाने के नाम पर चुप्पी साध रहे हैं।

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दवाएं समय पर नहीं मिलने से अधिकतर मरीज बाजार से दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के कोविड मरीजों की जांच और दवा किट पहुंचाने के दावों की भी पोल खुल रही है। कई मरीजों को फोन कर पॉजिटिव होने की जानकारी तो दे दी गई है, लेकिन रिपोर्ट नहीं है। ऐसे में मरीज आशंकित हैं। मरीजों की आपबीती उनकी जुबानी।
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कोविड की आशंका के चलते सात मई को पत्नी के साथ सामुदायिक केंद्र फेज-तीन शिवालिक नगर में लगे जांच शिविर में सैंपल दिया। नौ मई को अस्पताल से फोन आया कि मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव है। आज तक दवा तो दूर रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट के लिए शिवालिक नगर गया तो वहां कैंप बंद था। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी रिपोर्ट के बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। कभी पुलिस तो कभी हेल्प डेस्क से फोन आ रहे हैं, लेकिन न तो दवाएं मिली हैं और न ही रिपोर्ट दी गई है। पत्नी और बच्चों को अलग अलग कमरों में बंद कर बाजार से दवा खरीदकर खा रहे हैं।
 - योगेंद्र पाल, हरिद्वार

छह मई को कोविड जांच कराई और आठ मई को पॉजिटिव रिपोर्ट आई। कंट्रोल रूम से फोन आया कि आज शनिवार है, लिहाजा सोमवार दोपहर बाद दवाओं की किट पहुंचा देंगे। स्वास्थ्य बिगड़ रहा था और दो दिन बिना दवाओं के रहना मुश्किल था। मजबूरी में बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ी। 
- सोनम, रोशनाबाद 

नौ मई को कोरोना पॉजीटिव आया। अभी तक दवाओं की किट नहीं मिली है। तभी से रोजाना फोन पर फोन आ रहे हैं। लेकिन दवाओं की किट नहीं मिली। होटल के एक कमरे में आइसोलेट होकर बाजार से दवाएं खरीदकर खा रहा हूं। दवाओं के बारे में पूछताछ करने पर बताया जा रहा कि उनकी किट भेज दी गई है। 
- सतीश डंडरियाल, रानीपुर झाल 

मैं होम आइसोलेट हूं और अभी तक कोई दवाओं की किट नहीं दी गई है। फोन जरूर आ रहे हैं। सरकारी दवा के इंतजार में अस्पताल पहुंचने की नौबत आ सकती थी। बाजार से दवाएं खाकर ठीक हो गई हैं। प्रशासन केवल दावे ही कर रहा है। 
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- शिल्पा उप्रेती, न्यू हरिद्वार

अभी तक केवल फोन ही आ रहे हैं। कभी कोविड हेल्प सेंटर तो कभी तहसील से फोन आ रहा हैं। हर किसी से दवाओं का जिक्र कर रही हूं। दवाओं का नाम सुनते ही अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। बाजार से दवाएं लेकर अपना इलाज कर रही हूं। प्रशासन केवल फोन करने तक सीमित रह गया है। 
- अदिति 

आठ मई को कोरोना संक्रमित रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हरिद्वार में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। खुद के इलाज के लिए उसी दिन जयपुर चला गया। जयपुर में सीकेएस अस्पताल में तीन दिन भर्ती रहा और उसके बाद स्वास्थ्य अब ठीक है। 
- संत हेमंत प्रेम प्रकाशी, प्रेमप्रकाश आश्रम 

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