विवाह समारोह में अधिकतम 20 लोगों की सीमा और आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता बनी रहेगी। बाहरी राज्यों से आने वाले सभी लोगों को 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट के साथ ही राज्य में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। सार्वजनिक परिवहन के अंतरराज्यीय आवागमन 50 प्रतिशत सवारी की शर्त के साथ मान्य रहेगा। नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल व ऊधमसिंह नगर के मैदानी जिलों से पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को आरटीपीसीआर या रैपिड एंटीजन टेस्ट नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य रहेगी। हरिद्वार में अस्थि विसर्जन में चार लोगों की अनुमति। स्मार्ट सिटी देहरादून के पोर्टल पर पंजीकरण व 72 घंटे की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की शर्त बरकरार रखी गई है।
आपातकालीन आवश्यकता में अनुमति
- ऑटो व टैक्सी को केवल आपातकालीन उद्देश्य के लिए ही अनुमति।
- बीमार व्यक्तियों व उनके परिजनों को डाक्टर या अस्पताल की पर्ची पर ही आवागमन की अनुमति। स्मार्ट सिटी पोर्टल से ई-पास लेना होगा।
- टीकाकरण और परीक्षण के उद्देश्य से 18-45 वर्ष की आयु के लोगों को वैध परिचय पत्र या पंजीकरण प्रमाण के साथ अनुमति।
होम डिलीवरी को बढ़ावा
जिला प्रशासन स्थानीय विक्रेताओं के माध्यम से फलों, सब्जियों, डेयरी, दूध मांस की होम डिलीवरी के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
प्रवासियों के लिए सात दिन का आइसोलेशन अनिवार्य
संक्रमण से बचाव के लिए बाहरी राज्यों से आ रहे प्रवासियों को ग्राम पंचायत व ग्राम प्रधान की निगरानी में गांव में स्थापित ग्रामीण आइसोलेशन सुविधा में अनिवार्य रूप से सात दिन के लिए आइसोलेशन में रहना होगा। कोविड के लक्षण न दिखने पर वे अपने घर जा सकेंगे।
विलेज क्वारंटीन सेंटर का खर्चा सरकार उठाएगी
गांवों में ग्राम पंचायतों से संचालित हो रहे क्वारंटीन सेंटर का खर्च राज्य सरकार राज्य वित्त आयोग से प्राप्त निधि, राज्य आपदा मोचन निधि से उठाया जाएगा। पिछले साल की तरह जिला प्रशासन आवश्यकता के अनुसार, जिला क्वारंटीन सेंटरों का संचालन करेगा।
व्यापारियों की मांग के अनुरूप मुख्यमंत्री के साथ विमर्श के बाद बाजार खुलने के समय को सुबह आठ बजे से 11 बजे करने का निर्णय लिया गया है। पिछले कई दिनों से कोविड का ग्राफ प्रदेश में कम होता दिख रहा है। लेकिन अपने स्तर से सरकार पूरी तरीके से इसकी रोकथाम में जुटी हुई है। नागरिकों की सुरक्षा ही सरकार के पहली प्राथमिकता है, लिहाजा भविष्य में कोरोना आंकड़ों में कमी आएगी तो तात्कालिक परिस्थितियों के अनुसार कोविड में ढील दी जा सकेगी।
-सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता, उत्तराखंड सरकार