प्रदेश में सैंपलिंग बढ़ने के साथ कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। एक माह के भीतर राज्य में संक्रमण दर 1.31 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं, रिकवरी दर 70 प्रतिशत से कम है। नए संक्रमित मरीजों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या कम होने सक्रिय मामले बढ़ रहे हैं। अस्पतालों पर इलाज का दबाव बढ़ रहा है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। तब से लेकर वर्तमान में 4.60 लाख लोगों की जांच गई है। 27 हजार से अधिक लोग संक्रमित मिले। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सरकार का फोकस सैंपल जांच बढ़ाने पर है। पहले की तुलना में राज्य में कोविड सैंपलों की जांच बढ़ी है। प्रतिदिन औसतन नौ हजार सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच तेज होने से संक्रमण दर का ग्राफ बढ़ रहा है।
एक माह पहले जहां प्रदेश में संक्रमण दर 4.62 प्रतिशत थी। वहीं अब संक्रमण दर 5.93 प्रतिशत हो गई है। संक्रमित मरीजों की रफ्तार यही रही तो संक्रमण दर छह प्रतिशत से अधिक हो जाएगी। सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी का कहना है कि पहले की तुलना में कोविड जांच काफी बढ़ी है।
रोजाना नौ हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए जा रहे हैं। जांच को प्रतिदिन 10 हजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सैंपल जांच बढ़ने से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नए मामले आने के साथ ही मरीज ठीक भी हो रहे हैं। मृत्यु दर को रोकने पर विशेष फोकस है।
सचिव शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम के भी कोरोना की चपेट में आने की सूचना है। हालांकि शासन स्तर पर कोई भी अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। लेकिन माध्यमिक शिक्षा के अनुभाग अधिकारियों के अपर मुख्य सचिव (सचिवालय प्रशासन) राधा रतूड़ी को लिखे पत्र से इसकी तस्दीक हो गई है। पत्र में माध्यमिक शिक्षा के अनुभाग अधिकारियों ने शिक्षा सचिव के कोरोना पॉजिटिव होने का उल्लेख किया है। साथ ही यह मांग की है कि उनके अनुभागों को अगले दो दिनों के लिए बंद कर दिया जाए।
उनके पत्र पर सचिवालय प्रशासन के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा के अनुभाग एक, अनुभाग दो, तीन, चार व पांच को दो-तीन बार सैनिटाइज किया गया है। फिलहाल अनुभागों को बंद नहीं करने का फैसला लिया गया है। एसीएस को अनुभाग अधिकारी देवेंद्र प्रसाद, आशा कांडपाल, बिपिन चंद्र जोशी, सुनील लखेड़ा और अरविंद कुमार दिवाकर ने एक साझा पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है विद्यालय शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम व उत्तरी ब्लॉक से सटे पोटा भवन के पहले तल पर अनुसचिव पंचायती बलवंत सिंह भाकुनी को कोराना पॉजिटिव पाए गए हैं। पोटा भवन के पास माध्यमिक शिक्षा के चार अनुभागों व पंचायती राज के अनुसचिव के कार्यालय में जाने का रास्ता एक ही है। उन्होंने एसीएस से अनुरोध किया कि एहतियात के तौर पर उनके अनुभागों को दो दिन बंद रखा जाए।
तमाम एहतियात बरतने के बावजूद सचिवालय के अधिकारी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। सचिव श्रम हरबंस सिंह चुघ, अपर सचिव समाज कल्याण व ग्राम्य विकास डॉ.राम बिलास यादव और उनके बाद सचिव शिक्षा आर मीनाक्षी सुंदरम की कोविड
जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से सचिवालय कर्मचारियों में काफी चिंता है।
सचिवालय में लॉकडाउन के मसले पर सीएम से बात करेंगे सीएस
उत्तराखंड सचिवालय संघ ने एक बार फिर मुख्य सचिव ओम प्रकाश से मुलाकात कर उनसे सचिवालय को सात दिन बंद रखने की मांग की। संघ के महासचिव राकेश जोशी के मुताबिक उन्होंने मुख्य सचिव को बताया कि सचिवालय में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। सचिव स्तर के अधिकारी भी कोरोना की जद में आ रहे हैं।
सचिवालय में कोरोना जांच शुरू की गई थी, लेकिन डिस्पेंसरी के डाक्टर में ही कोरोना की पुष्टि हो गई। इससे जांच कराने वाले 80 से ज्यादा कर्मचारियों में भारी चिंता है। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी खुद स्वास्थ्य और जीवन को लेकर चिंतित हैं। जोशी के मुताबिक मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री से इस संबंध में बात करेंगे।
राजधानी के पांच इलाकों में कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जाने पर पांच नए कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने रेसकोर्स जी-20, तेग बहादुर रोड लेन नंबर दो, प्रताप रोड भारूवाला ग्रांट, देवाशीष एन्क्लेव कॉलोनी लोअर नेहरूग्राम और डोईवाला के वार्ड संख्या 12 राजीव नगर क्षेत्र के खता मोहल्ला को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इन इलाकों में कोविड-19 के सुरक्षा उपाय और पाबंदियां लागू रहेंगी।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी इलाकों में पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान सभी लोग अपने-अपने घरों में ही रहेंगे। पुलिस सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा उपाय करेगी। इन इलाकों में सभी दुकानें, प्रतिष्ठान, कार्यालय, बैंक आदि बंद रहेंगे। परिवार के केवल एक सदस्य को दैनिक जरूरत का सामान खरीदने के लिए घर के पास सरकारी मोबाइल दुकान तक जाने की अनुमति होगी।
उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को दैनिक आवश्यकता की सामग्री जैसे राशन, सब्जी-फल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सहायक निदेशक डेयरी को दूध की बिक्री की व्यवस्था बनाने को भी कहा। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अगर किसी व्यक्ति को सर्दी, जुकाम, बुखार के लक्षण महसूस होते हैं तो वह तुरंत कंट्रोल रूम पर संपर्क करें ताकि चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने सीएमओ को क्षेत्रों में सामुदायिक निगरानी करवाने, नगर निगम को पर्याप्त सफाई व्यवस्था व मुनादी आदि के माध्यम से जन जागरुकता के निर्देश दिए। इमरजेंसी की स्थिति में पुलिस के टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी आदेशों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। उल्लंघन करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।